संगम स्कूल भरोखां में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व, सजे लघु वृंदावन के दर्शन

संगम स्कूल भरोखां में हर्षोल्लास एवं श्रद्धा के साथ मनाया जन्माष्टमी पर्व
भरोखां में हुए लघु वृंदावन के दर्शन
सतीश बंसल /सिरसा /02 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
संगम स्कूल भरोखां के विद्यालय परिसर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व श्रद्धा, उल्लास और उमंग के साथ मनाया गया। जन्माष्टमी के अवसर पर विद्यालय का वातावरण पूरी तरह कृष्णमय नजर आया। विद्यालय के सैकड़ों नन्हे-मुन्ने विद्यार्थी राधा-कृष्ण के मनमोहक स्वरूप में सज-धजकर विद्यालय पहुंचे। बच्चों की आकर्षक वेशभूषा, सुंदर मुकुट, बांसुरी और राधा के पारंपरिक श्रृंगार ने सभी का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के दौरान राधा-कृष्ण के स्वरूप में विद्यालय पहुंचे बच्चों को श्रद्धापूर्वक माखन-मिश्री का भोग लगाया गया। इसके बाद बच्चों के लिए केक काटकर प्रसाद वितरित किया गया। नन्हे बच्चों ने पूरे उत्साह और खुशी के साथ जन्माष्टमी का आनंद लिया। उनके चेहरे पर दिखाई दे रही प्रसन्नता और उत्साह ने पूरे वातावरण को आनंदमय बना दिया। विद्यालय के मुख्याध्यापक छगन सेठी ने बच्चों के लिए अपनी ओर से विशेष रूप से केक और फ्रूटी की व्यवस्था की।
उन्होंने स्वयं बच्चों को केक खिलाकर तथा फ्रूटी पिलाकर उनके साथ जन्माष्टमी की खुशियां साझा कीं। मुख्याध्यापक के इस स्नेहपूर्ण व्यवहार से बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्होंने कहा कि त्योहार केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं होते, बल्कि इनके माध्यम से बच्चों को अपनी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से जोड़ने का अवसर भी मिलता है।
जन्माष्टमी के अवसर पर विद्यालय परिसर में दिनभर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से जुड़े मधुर गीतों की गूंज सुनाई देती रही। जो है अलबेला मद नैनों वाला, वो कृष्णा है, राधा ढूंढ रही, किसी ने मेरा श्याम देखा... जैसे भजनों के साथ-साथ राधे-राधे और जय श्री कृष्ण के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। बच्चों ने कृष्ण भक्ति से ओत-प्रोत गीतों का आनंद लेते हुए पर्व की खुशियों को और बढ़ा दिया। विद्यालय के शिक्षकों ने विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन एवं उनके आदर्शों के बारे में बताते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन हमें प्रेम, सत्य, कर्तव्य, मित्रता, करुणा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपने जीवन में अच्छे संस्कार अपनाने तथा आपसी प्रेम और भाईचारे की भावना बनाए रखने का संदेश दिया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में बच्चों की राधा-कृष्ण की वेशभूषा विशेष आकर्षण का केंद्र रही। छोटे-छोटे कृष्ण जब हाथ में बांसुरी और सिर पर मोरपंखी मुकुट सजाकर विद्यालय पहुंचे तो पूरा वातावरण मानो वृंदावन की झलक प्रस्तुत करने लगा। वहीं राधा के रूप में सजी नन्ही बच्चियों ने अपनी मनमोहक वेशभूषा से सभी का मन जीत लिया।
मुख्याध्यापक छगन सेठी ने कहा कि संगम स्कूल में शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, संस्कारों और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाता है। ऐसे आयोजन बच्चों में अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान और गौरव की भावना पैदा करते हैं तथा उन्हें हमारी समृद्ध परंपराओं से परिचित करवाते हैं।
जन्माष्टमी समारोह ने विद्यार्थियों में न केवल उत्साह और खुशी का संचार किया, बल्कि उन्हें प्रेम, भक्ति, सद्भाव, संस्कार और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश भी दिया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं तथा भगवान श्रीकृष्ण से सभी के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।