बाबैन के संघौर गांव में नवीन महिला सशक्तिकरण अभियान का हुआ शुभारंभ, सैकड़ों महिलाओं को मिला प्रशिक्षण

संघौर में नवीन महिला सशक्तिकरण अभियान का शुभारंभ, सैकड़ों महिलाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार और डिजिटल मार्केटिंग का दिया प्रशिक्षण
बाबैन/03 सितंबर 2026/सुरेश अरोड़ा/अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
बाबैन के संघौर गांव में नवीन महिला सशक्तिकरण अभियान का शुभारंभ किया गया है। सांसद नवीन जिंदल के मार्गदर्शन में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से इस अभियान की शुरुआत हुई है। नवीन जिंदल फाउंडेशन एवं हरियाणा राज्य आजीविका मिशन के संयुक्त प्रयास से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में गांव की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी सैकड़ों महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कौशल विकास और डिजिटल मार्केटिंग का प्रशिक्षण
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार, सरकारी योजनाओं, डिजिटल साक्षरता और डिजिटल मार्केटिंग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। महिलाओं को अपने उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही आकर्षक पैकेजिंग करने तथा डिजिटल माध्यमों के जरिए ग्राहकों तक पहुंच बनाने के बारे में भी विस्तार से जानकारी प्रदान की गई। इस अवसर पर गांव की महिला उषा देवी को मेंटर के रूप में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने अन्य महिलाओं के साथ अपने काम और अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि मेहनत, निरंतर प्रयास और सही मार्गदर्शन के माध्यम से महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हो सकती हैं।
बाजार से जुड़ेंगी महिलाएं
सांसद नवीन जिन्दल के संसदीय कार्यालय प्रभारी धर्मवीर सिंह ने कहा कि नवीन महिला सशक्तिकरण अभियान का उद्देश्य केवल महिलाओं को प्रशिक्षण देना नहीं है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को कौशल से बाजार तक जोड़ना है। अभियान के माध्यम से महिलाओं को आधुनिक तकनीक, उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, डिजिटल साक्षरता और डिजिटल मार्केटिंग की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे उनके द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को एक बेहतर बाजार मिल सकेगा। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनके सुझावों और आवश्यकताओं को पूरी प्राथमिकता दी जाएगी।
समस्याओं के समाधान का प्रयास
अभियान के कोऑर्डिनेटर भूषण मंगला ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं से विशेष बातचीत की। उन्होंने महिलाओं से कहा कि समूह के कार्यों में यदि उन्हें किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वे अपनी परेशानी साझा कर सकती हैं। संबंधित विभागों के माध्यम से उस समस्या के समाधान का पूरा प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सांसद नवीन जिंदल का यह स्पष्ट मानना है कि यदि महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनेंगी, तो इससे परिवार के साथ-साथ समाज और देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ही विकसित भारत के संकल्प को नई गति मिल सकती है।
कौशल प्रशिक्षण पाठ्यक्रम की जानकारी
महात्मा ज्योतिबा फुले इंटरनेशनल स्किल सेंटर के अभिषेक सहगल ने महिलाओं को संस्थान में संचालित विभिन्न कौशल प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में रोजगार और स्वरोजगार के लिए कौशल प्रशिक्षण बेहद आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं से आग्रह किया कि वे स्वयं तथा अपने बच्चों को संस्थान में उपलब्ध प्रशिक्षण के अवसरों की जानकारी लेने के लिए जरूर लेकर आएं। उन्होंने बताया कि भविष्य में महिलाओं की जरूरत के अनुसार कई शॉर्ट टर्म कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। इससे महिलाओं को कम समय में उपयोगी कौशल हासिल करने का सुनहरा अवसर मिल सकेगा। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को सरकारी योजनाओं और विभिन्न विभागों द्वारा स्वरोजगार के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी भी दी गई। उल्लेखनीय है कि सांसद नवीन जिन्दल ने नवीन महिला सशक्तिकरण अभियान को लांच किया है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार, आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का लक्ष्य पूरा किया जा सके।
कार्यक्रम में गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस गरिमामयी कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में खंड विकास अधिकारी सुशील कुमार मंगल, उद्योग विभाग एमएसएमई से विकास कश्यप, एनआरएलएम कुरुक्षेत्र से विपिन कुमार, सीडीपीओ बाबैन निर्मला, महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर रवीना, महिला विकास निगम कुरुक्षेत्र से सुनील कुमार, आरएसईटी पीएनबी कुरुक्षेत्र से राजेश कुमार और कार्यक्रम कोऑर्डिनेटर भूषण मंगला मौजूद रहे। इनके अलावा अजैब सिंह, लाडवा हल्का प्रभारी सलिंद्र कुमार, सोनी कुमार और राजकुमार बेदी सहित स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी सैकड़ों महिलाएं भी इस अवसर पर मौजूद थीं।