कार्यकर्ता ही पार्टी की असली ताकत और उनके दम पर कायम है वर्चस्व: संतोष बेनीवाल

कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल ने सिरसा में कहा है कि कुछ लोगों को गलतफहमी हो गई है, लेकिन वे यह स्पष्ट जान लें कि पार्टी की असली ताकत उसके कार्यकर्ता हैं। कार्यकर्ताओं के बलबूते ही पार्टी अपना वर्चस्व कायम किए हुए है। बेनीवाल रविवार को कांग्रेस भवन में आयोजित एक भव्य सम्मेलन को संबोधित कर रही थीं। सम्मेलन में कार्यकर्ताओं की विशाल उपस्थिति को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि उनके लिए किसी नेता का आना मायने नहीं रखता, बल्कि कार्यकर्ताओं का मौजूद होना सबसे बड़ी बात है। आज के इस कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि पार्टी को मजबूत करने में हर कार्यकर्ता जी-जान से जुटा हुआ है।
9 अगस्त के इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम पर चर्चा
9 अगस्त के महत्व पर प्रकाश डालते हुए संतोष बेनीवाल ने कहा कि वर्ष 1942 में आज ही के दिन महात्मा गांधी के 'करो या मरो' के ऐतिहासिक आह्वान ने देश की आजादी की लड़ाई को नई दिशा और असीम ऊर्जा दी थी। कांग्रेस केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की वह मशाल है जिसने देश को लोकतंत्र, संविधान और सामाजिक न्याय का मार्ग दिखाया। कार्यक्रम के दौरान देश और प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक व सामाजिक हालात पर गहन चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि आज किसान फसलों के सही दाम के लिए परेशान हैं, युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं, छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं और आम जनता महंगाई से त्रस्त है।
राहुल गांधी के संघर्ष और तिरंगा यात्रा का आयोजन
इस अवसर पर राहुल गांधी के संघर्षों का विशेष जिक्र करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वे संसद से लेकर सड़क तक युवाओं, किसानों, छात्रों, महिलाओं और वंचित वर्गों की आवाज उठा रहे हैं। राहुल गांधी के इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाना हर कार्यकर्ता का प्राथमिक कर्तव्य है। कार्यक्रम के समापन पर सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने सर्वसम्मति से संकल्प लिया कि स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का भारत बनाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा। सम्मेलन के उपरांत कांग्रेस भवन से भगवान श्री परशुराम चौक तक एक विशाल तिरंगा यात्रा भी निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस मौके पर डॉ. वाई.के. चौधरी, निर्मल सिंह मलडी, जगबिंदर सिंह, वीरा सिंह विर्क, रवि कंबोज, वेदपाल डांगी, डॉ. धर्मपाल, वीरा सिंह रानियां, अमर सिंह, कृष्ण, संदीप, मांगेराम, सुभाष सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।