सरकार की परिवर्तन योजना का लाभ उठाएं वाहन मालिक : एसडीएम महेश कुमार

सरकार की परिवर्तन योजना का लाभ उठाएं वाहन मालिक : एसडीएम महेश कुमार
एसडीएम भिवानी ने ली बस/ट्रक संचालकों की बैठक
प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाहनों को बदलने पर कर में छूट, पंजीकरण शुल्क माफ व ऋण पर ब्याज में सब्सिडी
विष्णु दत्त शास्त्री /तोशाम /04 सितंबर 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
। एनसीआर क्षेत्र में पुराने वाहनों पर लागू नियमों को लेकर भिवानी के एसडीएम व आरटीए सचिव महेश कुमार ने लोक निर्माण विश्राम गृह तोशाम में निजी बस/ट्रक व माल वाहन मालिकों के साथ बैठक की। एसडीएम ने वाहन मालिकों को सरकार की परिवर्तन योजना के प्रति जागरूक किया और निर्धारित समय सीमा और प्रदूषण मानकों के दायरे में आने वाले पुराने कमर्शियल वाहनों को एनसीआर क्षेत्र में चलाने या लेकर आने से बचने की अपील की। एसडीएम ने कहा कि वाहन मालिक पुराने वाहन को चलाने के बजाय सरकार की परिवर्तन योजना का लाभ उठाकर नया और कम प्रदूषण वाला वाहन अपना सकते हैं।
इससे नियमों के उल्लंघन से बचने के साथ-साथ आर्थिक लाभ भी मिलेगा।
एसडीएम व आरटीए सचिव महेश कुमार ने बताया कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एनसीआर क्षेत्र में चलने वाले पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों व बसों (बीएस-वन, बीएस-टू, बीएस-थ्री और बीएस-फोर श्रेणी) को बदलकर उनकी जगह बीएस-सिक्स मानक वाले या इलेक्ट्रिक वाहन के लिए यह योजना शुरू की है। योजना के तहत वाहन मालिकों को कई तरह के प्रोत्साहन दिए जाएंगे।
एसडीएम ने बताया कि बीएस-1, बीएस-2, बीएस-3
के पुराने वाहन को सरकार द्वारा अधिकृत केंद्र पर स्क्रैप कराने पर निर्धारित शर्तों के अनुसार वाहन मालिकों को 10 वर्ष तक मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत छूट और पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत छूट का लाभ मिल सकता है। इसके अलावा वाहन निर्माता की ओर से वाहन की कीमत में 8 प्रतिशत तक अतिरिक्त छूट और 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान सहित अन्य लाभ भी मिल सकते हैं। बीएस-4 वाहन मालिक द्वारा एनसीआर से बाहर की एनओसी लेकर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
एसडीएम ने कहा कि पुराने प्रतिबंधित वाहन को चलाकर परेशानी उठाने के बजाय समय रहते उसे बदलना बेहतर विकल्प है। इससे वाहन मालिकों को योजना का आर्थिक लाभ मिलेगा और वायु प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी। एसडीएम ने कहा कि यह योजना न केवल पर्यावरण को स्वच्छ रखने में मददगार साबित होगी, बल्कि वाहन मालिकों को आर्थिक रूप से भी लाभ पहुंचाएगी। उन्होंने उपस्थित सभी प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे अपने स्तर पर भी इस योजना की जानकारी अधिक से अधिक वाहन मालिकों, स्कूल संचालकों व ट्रांसपोर्टरों तक पहुंचाएं, ताकि जिले के लोग इस योजना का पूरा लाभ उठा सकें।
इस मौके पर ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर युद्धवीर सिंह, ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह, आरटीए कार्यालय से डाटा ऑपरेटर जितेंद्र सिंह व शिव कुमार के अलावा सुरेश वालिया, जगजीत सिंह, अनिल कुमार, सुनील कुमार, गोविंद, विष्णु, सुमेर, नरेश कुमार, राहुल, सुरेंद्र, राजेश कुमार, संदीप, सत्यवान आदि निजी बस/ट्रक व माल वाहन मालिक उपस्थित रहे।