शहीद नवीन कुमार की 19वीं पुण्यतिथि पर रेवाड़ी में दी गई श्रद्धांजलि, विद्यार्थियों को बांटे स्कूल बैग

गाँव कतोपुरी स्थित शहीद नवीन कुमार स्मारक पर शनिवार को शहीद नवीन कुमार की 19वीं पुण्यतिथि श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर शहीद परिवार की ओर से सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को पुस्तकें, स्कूल बैग एवं अन्य शिक्षण सामग्री वितरित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने शहीद नवीन कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शहीद नवीन कुमार अमर रहें के नारे लगाए। ग्रामीणों एवं गणमान्य लोगों ने शहीद के बलिदान को याद करते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
शहीद नवीन कुमार का जीवन परिचय और सैन्य सफर
शहीद नवीन कुमार का जन्म 10 सितंबर 1984 को गाँव कतोपुरी में पिता श्यामलाल के घर हुआ था। पढ़ाई के साथ ही उन्होंने 17 मार्च 2003 को भारतीय सेना की 78 मीडियम रेजिमेंट में भर्ती होकर देशसेवा का संकल्प लिया था। 22 अगस्त 2008 को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा क्षेत्र में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए वे वीरगति को प्राप्त हुए थे। ऑपरेशन रक्षक के दौरान उन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुए कई आतंकवादियों को मार गिराया था और देश की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था।
वीरता पुरस्कार और परिवार की जानकारी
शहीद नवीन कुमार के बलिदान के सम्मान में उनकी वीरांगना शीला देवी को मरणोपरांत वीरता पुरस्कार एवं सेना मेडल से 26 जनवरी 2009 को लाल किले पर सम्मानित किया गया था। शहीद का बेटा आदित्य यादव वर्तमान में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। इस अवसर पर शहीद के पिता श्यामलाल, माता लक्ष्मी देवी, वीरांगना शीला देवी, छोटे भाई प्रवीण उर्फ कपिल चेयरमैन, पुत्र आदित्य, सरपंच प्रतिनिधि ईश्वर सिंह, सूबेदार रामनिवास, सूबेदार ओमप्रकाश, राजकुमार कतोपुरी, मुख्तार, सतीश पंच, मास्टर लीलाराम, अजीत, अशोक, आदेश, सुनील भाकली, बिजेंदर कोसली, कुणाल, राकेश सहितगाँव के गणमान्य व्यक्ति एवं स्कूल के विद्यार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान यह पंक्तियां शहीद के बलिदान को समर्पित की गईं— है समय नदी की धार, जिसमें सब बह जाया करते हैं। कुछ ऐसे होते हैं, जो इतिहास बनाया करते हैं।