शामली के शंकर शर्मा ने 6,111 मीटर ऊंचे माउंट यूनाम को किया फतह, शहीद गौतम को समर्पित की बड़ी उपलब्धि

शामली(उत्तरप्रदेश ) /19 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
शामली जनपद के गांव एलम निवासी शंकर शर्मा ने पर्वतारोहण के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। शंकर शर्मा ने हिमाचल प्रदेश की 6,111 मीटर ऊंची माउंट यूनाम चोटी पर सफलतापूर्वक पहुंचकर अपने गांव और जनपद का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। शंकर शर्मा ने अपनी इस पूरी उपलब्धि को अपने गांव के शहीद गौतम को समर्पित किया है। बताया गया है कि शहीद गौतम अरुणाचल प्रदेश में हुए हेलीकॉप्टर हादसे के दौरान शहीद हो गए थे। शंकर शर्मा का कहना है कि शहीद गौतम की स्मृति और उनके बलिदान को याद करते हुए उन्होंने अपनी इस उपलब्धि को उन्हें समर्पित किया है।
6,111 मीटर की ऊंचाई पर पहुंचकर रचा नया मुकाम
माउंट यूनाम की 6,111 मीटर ऊंची चोटी तक पहुंचना आसान नहीं था। ऊंचाई बढ़ने के साथ कम ऑक्सीजन, बर्फीले रास्ते, दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और मौसम की चुनौतियां पर्वतारोहियों के सामने रहती हैं। इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद शंकर शर्मा ने हिम्मत और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ अभियान पूरा किया। उनकी इस सफलता ने पर्वतारोहण के क्षेत्र में उनके अब तक के सफर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ दी है।

2025 में एवरेस्ट बेस कैंप और काला पत्थर की चढ़ाई
शंकर शर्मा इससे पहले भी कई ऊंचाई वाले पर्वतीय अभियानों को पूरा कर चुके हैं। वर्ष 2025 में उन्होंने 5,364 मीटर ऊंचे माउंट एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुंचकर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की थी। इसी वर्ष उन्होंने 5,545 मीटर ऊंचे काला पत्थर की चढ़ाई भी सफलतापूर्वक पूरी की। इन अभियानों के दौरान उन्हें ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पर्वतारोहण और कठिन परिस्थितियों का महत्वपूर्ण अनुभव प्राप्त हुआ।
2019 में दार्जिलिंग से लिया बेसिक माउंटेनियरिंग प्रशिक्षण
पर्वतारोहण के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए शंकर शर्मा ने बाकायदा प्रशिक्षण भी लिया। वर्ष 2019 में दार्जिलिंग स्थित हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट से उन्होंने बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स पूरा किया। प्रशिक्षण हासिल करने के बाद उन्होंने लगातार अलग-अलग पर्वतीय अभियानों में हिस्सा लिया और अपनी क्षमता को लगातार ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
माउंट रेनाक की 5,029 मीटर ऊंची चोटी पर भी पहुंच चुके हैं
शंकर शर्मा ने वर्ष 2019 में माउंट रेनाक की करीब 5,029 मीटर ऊंची चोटी पर भी सफल चढ़ाई की थी। इसके बाद 2025 में एवरेस्ट बेस कैंप और काला पत्थर की चढ़ाई तथा अब 6,111 मीटर ऊंचे माउंट यूनाम की चोटी तक पहुंचकर उन्होंने अपनी पर्वतारोहण यात्रा को लगातार नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
जो मन में ठान लिया, उसे पूरा करना ही लक्ष्य होना चाहिए
शंकर शर्मा ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि जीवन में लक्ष्य तय करना बहुत जरूरी है। जो लक्ष्य मन में ठान लिया जाए, उसे पूरा करना ही व्यक्ति का उद्देश्य होना चाहिए। लक्ष्य हासिल करने में समय चाहे जितना भी लग जाए, लेकिन प्रयास कभी नहीं रुकना चाहिए। उन्होंने युवाओं से मेहनत, अनुशासन, धैर्य और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने की अपील की। उनका कहना है कि सफलता पाने के लिए निरंतर प्रयास जरूरी है और कठिनाइयों के सामने हार नहीं माननी चाहिए।
एलम गांव में खुशी का माहौल और शंकर का सफर
शंकर शर्मा के पिता का नाम विनोद कुमार है। उनके माउंट यूनाम फतह करने की खबर से गांव एलम में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों और परिचितों ने शंकर शर्मा की सफलता पर बधाई देते हुए इसे गांव और जनपद शामली के लिए गौरव का क्षण बताया। गांव एलम से शुरू हुआ शंकर शर्मा का सफर अब हजारों मीटर ऊंची पर्वतीय चोटियों तक पहुंच चुका है। 5,029 मीटर माउंट रेनाक से 5,364 मीटर एवरेस्ट बेस कैंप, 5,545 मीटर काला पत्थर और अब 6,111 मीटर माउंट यूनाम तक का सफर उनकी मेहनत और निरंतर प्रयास की कहानी बयां करता है।