श्री श्याम बगीची में कामका एकादशी पर हुआ भजन संध्या का भव्य आयोजन, गूंजे भजनों के जयकारे

Team Atal Hind10 August 20262 min read20 viewsसिरसा
श्री श्याम बगीची में कामका एकादशी पर हुआ भजन संध्या का भव्य आयोजन, गूंजे भजनों के जयकारे

श्री श्याम बगीची धाम में कामका एकादशी के उपलक्ष्य में रविवार रात को भजन संध्या का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन अनाज मंडी स्थित श्री श्याम बगीची धाम में श्री शिव श्याम बगीची धाम चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और बाबा श्याम के भजनों का आनंद लिया।

पूजा अर्चना और ज्योत प्रज्वलित

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श्री श्याम बगीची धाम के मुख्य सेवक पवन गर्ग ने शाम को सवा सात बजे सपरिवार पूजा अर्चना की। मंदिर के पुजारी राकेश शास्त्री व धनंजय शुक्ला ने विधि-विधान से पूजा अर्चना संपन्न करवाई। इसके बाद बाबा श्याम की पावन ज्योत प्रज्वलित की गई और आरती की गई।

भजनों की शानदार प्रस्तुतियां

राजेंद्र गनेरीवाला ने सदैव की भांति गणेश वंदना से भजन संध्या का आगाज किया। इसके बाद उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया और लहर-लहर लहराए रे झंडा बजरंगबली का, बोलो वीर हनुमाना अति बलवाना, तेरी अंखियों से दूर नही रहना मंजूर बाबा पास रखना, भर दे श्याम झोली भर दे, तू रुक नहीं पाएगा बाबा जब तुम्हे बुलाएगा, हम तो बाबा के भरोसे चलते हैं, खाटू वाले श्याम मेरी रखोगे लाज सहित अनेक भजनों की प्रस्तुति दी।

केमिता राठौड़ के भजनों पर झूमे श्रद्धालु

उदयपुर से आई भजन गायिका केमिता राठौड़ ने कई लोकप्रिय भजनों की प्रस्तुतियां दीं। उन्होंने श्याम बाबा तेरे पास आया हूं, तेरा कर्जा सांवरिया मैं कैसे चुकाऊंगा, नीला रे मणै श्याम से मिला दे, कितना प्यारा है श्रृंगार थारी लेउं नजर उतार, भक्तों ने झूला डाला झूले पर खाटू वाला, म्हारै सिर पर श्याम धणी घुमा दो मोर छड़ी, छम-छम नाचे देखो वीर हनुमाना, देखो म्हारो श्याम कैसे जच रहयो है सहित अनेक भजनों की प्रस्तुति दी, जिन पर श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया। भजन संध्या के बाद बाबा श्याम की आरती की गई और बाबा को भोग लगाकर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।

पौधारोपण कर मनाया जन्मदिन

भजन संध्या से पूर्व बगीची के मुख्य सेवक पवन गर्ग ने अपना जन्मदिन पौधारोपण कर व 101 पौधे वितरित करके मनाया। उन्होंने कहा कि सभी को अपना जन्मदिन, वैवाहिक सालगिरह आदि पौधारोपण करके मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल पौधा लगाएं बल्कि उसका बच्चे के तरह पालन-पोषण भी करें। उन्होंने कहा कि जब एक पौधा पेड़ का रूप लेता है, तो वह कई पीढि़यों को अपना लाभ देता है। इसलिए हर व्यक्ति किसी न किसी विशेष अवसर पर पौधारोपण जरूर करे।

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