श्री वार्ष्णेय मंदिर में 4 सितंबर को मचेगी धूम, मध्य रात्रि जन्मेंगे कन्हैया, सज गया दुल्हन सा दरबार

श्री वार्ष्णेय मंदिर में 4 सितंबर को मचेगी धूम, मध्य रात्रि जन्मेंगे कन्हैया, सज गया दुल्हन सा दरबार

श्री वार्ष्णेय मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व बहुत ही धार्मिक आस्था और हर्षोल्लास के साथ हर वर्ष मनाया जाता है। इस वर्ष भी श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाने की सभी तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। यह कार्यक्रम 4 सितंबर को बहुत धूमधाम से मनाया जाएगा।

श्री वार्ष्णेय मंदिर के व्यवस्थापक राधेश्याम गुप्ता स्क्रैप वाले, अध्यक्ष धीरेन्द्र गुप्ता फोटो वाले, कोषाध्यक्ष दिनेश भट्टा वाले एवं मंदिर प्रवक्ता भुवनेश वार्ष्णेय आधुनिक ने इस कार्यक्रम की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी कार्यक्रम के लिए सम्पूर्ण मंदिर प्रांगण को सतरंगी लाइटों से दुल्हन की तरह सजाया गया है। श्री वार्ष्णेय मंदिर के उन्नत शिखर पर विशालकाय भगवा अपनी छटा बिखेरेगा। वहीं सम्पूर्ण मंदिर परिसर में केसरिया पताकाएं फहराई जा रही हैं।

फूल बंगले और झांकियों के होंगे दर्शन

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फूल बंगले में महकते वातावरण में पालने में झूलते आकर्षण का केंद्र रहेंगे खुद बाल रूप में लड्डू गोपाल जी। भक्तों में तो पालना झुलाने की होड़ ही लगी रहती है। श्री वार्ष्णेय मंदिर के परम भक्त सुभाष लिटिल, गुलाब चंद्र सुपारी वाले, बृजेश कंटक, राहुल स्क्रैप, यतीश वार्ष्णेय, राजू गनपत के अनुसार इस बार अशोक वाटिका में सीता माता की झांकी दिखाई जाएगी। इसके साथ ही भगवान विष्णु के दशावतार के दिव्य दर्शन भी होंगे।

मंदिर में भगवान भोलेनाथ की जटाओं में से प्रवाहित हो रही मां गंगा की अनुपम झांकी भी होगी। भगवान शंकर के बड़े-बड़े डमरू की विशालकाय आकृति भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। भगवान जगन्नाथ की झांकी और माता वैष्णो देवी के दर्शन भी भक्त कर सकेंगे। बहुत ही सुंदर रामदरबार की एल ई डी झांकी के साथ-साथ अन्य कई जीवंत झांकियां भी अपनी छटा बिखेरेंगी।

मथुरा-वृंदावन के कारीगर तैयार कर रहे पोशाक

श्री वार्ष्णेय मंदिर की परम पार्षद अलका गुप्ता, योगेश वार्ष्णेय बंटी, अनिल वार्ष्णेय सासनी ने आगे बताया कि इस विशेष अवसर पर मथुरा-वृंदावन के कारीगरों द्वारा ठाकुर जी समेत सभी विग्रहों की आकर्षक पोशाक तैयार की जा रही है। इस बार नन्दोत्सव का कार्यक्रम 8 सितंबर को मंदिर प्रांगण में मनाया जाएगा।

जन्माष्टमी के मुख्य कार्यक्रम और लीला

मंदिर के परम भक्त एडवोकेट आकाशदीप वार्ष्णेय, गौरव पीतल, संदीप घी, अंकित वार्ष्णेय एवं अंकुर वार्ष्णेय सासनी के अनुसार श्री कृष्ण जन्माष्टमी कार्यक्रम का शुभारंभ 4 सितंबर को प्रातः 9:30 बजे लड्डू गोपाल जी के दुग्धभिषेक से होगा। प्रातः दुग्धभिषेक के साथ ही साथ वार्ष्णेय दिवस पर हवन का कार्यक्रम प्रातः 10 बजे होगा। साथ ही वार्ष्णेय दिवस पर भगवा झंडा भी फहराया जाएगा।

सांयकाल में फूल बंगला के मध्य दर्शन व ठाकुर जी की आरती होगी। रात्रि में 12 बजे श्री कृष्ण के जन्म के समय दुग्धभिषेक होगा। तदुपरांत वासुदेव जी कान्हा जी को सूप में रखकर यमुना पार कर नंदबाबा के यहां छोड़कर आएंगे। इस लीला को देखने दूर-दूर से भक्त श्री वार्ष्णेय मंदिर पहुंचते हैं।

सुरक्षा और पार्किंग की विशेष व्यवस्था

मंदिर के परम भक्त पारस गुप्ता, गौरव पीतल, कन्हैया लाल गुप्ता, कमल गुप्ता बाबा के अनुसार पार्किंग की व्यवस्था हीरालाल बारहसैनी इंटर कॉलेज में रहेगी। चरण पादुका की व्यवस्था श्री वार्ष्णेय महाविद्यालय के गेट के सामने रहेगी।

मंदिर के परम भक्त एडवोकेट मनोज वार्ष्णेय, शैलेन्द्र शैलू, मनीष नीलगिरी, सनी एस के इवेंट्स के अनुसार प्रशासन के सहयोग के लिए व सुरक्षा की दृष्टि से 16 कैमरे लगाए गए हैं। इनका संचालन श्री वार्ष्णेय मंदिर के कार्यालय से रहेगा। श्री कृष्ण जन्माष्टमी को सफल बनाने के लिए मंदिर के सभी पदाधिकारियों और भक्तों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

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