हरियाणा के गुरुग्राम में सिधरावाली उप-स्वास्थ्य केंद्र होगा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में प्रमोट, स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने दी जानकारी

गुरुग्राम जिले के सिधरावाली उप-स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) के रूप में अपग्रेड करने की मंजूरी प्रदान की गई है। यह निर्णय स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के प्रयासों से लिया गया है। इस नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सुचारू संचालन के लिए 12 नए पदों को भी स्वीकृति दी गई है।
पटौदी में 20 अगस्त को मिली जानकारी के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं सुलभ बनाने की दिशा में हरियाणा सरकार द्वारा लगातार महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुग्राम जिले के सिधरावाली उप-स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में अपग्रेड करने की मंजूरी मिली है। स्वीकृत पदों में एक मेडिकल ऑफिसर, एक महिला मेडिकल ऑफिसर, एक डेंटल सर्जन, दो फार्मासिस्ट, एक स्टाफ नर्स, एक लैब टेक्नीशियन, एक एमपीएचएस पुरुष, एक एमपीएचएस महिला तथा तीन क्लास-IV कर्मचारी शामिल हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में मिलेंगी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को उनके घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है। इसी उद्देश्य के तहत स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यकतानुसार अपग्रेड करने के साथ-साथ वहां पर्याप्त चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि सिधरावाली उप-स्वास्थ्य केंद्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में अपग्रेड होने से सिधरावाली सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्थानीय स्तर पर पहले से बेहतर एवं व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे ग्रामीण नागरिकों को सामान्य उपचार एवं स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के लिए दूर-दराज के स्वास्थ्य संस्थानों पर निर्भरता कम होगी तथा उन्हें समय पर उपचार की सुविधा मिल सकेगी।
भविष्य में भी स्वास्थ्य संस्थानों को किया जाएगा सुदृढ़
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त और विकसित हरियाणा की आधारशिला हैं। राज्य सरकार ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भविष्य में भी स्वास्थ्य संस्थानों को आवश्यकतानुसार सुदृढ़ किया जाएगा।