सिरसा के आर्य समाज मंदिर में मासिक सत्संग व यज्ञ का आयोजन, पंडित रामनिवास आर्य ने दी धर्म की परिभाषा

सिरसा में सतीश बंसल की रिपोर्ट के अनुसार, आर्य समाज मन्दिर सिरसा में श्रावणी माह के उपलक्ष्य में विशेष सत्संग व यज्ञ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य प्रवक्ता के रूप में पंडित रामनिवास आर्य (कुरुक्षेत्र) उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सिरसा नगर एवं आस-पास के गांवों से बहुत से सज्जनों ने भाग लिया और धार्मिक लाभ उठाया।
श्रावण मास और वेद प्रवचन का महत्व
मुख्य प्रवक्ता पंडित रामनिवास आर्य ने कहा कि श्रावण मास में वेद, प्रवचन, हवन, सत्संग को परोपकारी माना जाता है। शुभ कर्म करने का महीना श्रावण मास कहलाता है। मनुष्य को चाहिए कि ये चार माह काम-काज से छुट्टी हो जाने पर सभी को घर पर रहकर आर्य ग्रन्थों का स्वाध्याय करना, दान करना, यज्ञादि अनुष्ठान करना चाहिए।
धर्म की सही परिभाषा और समाज सुधार
पंडित रामनिवास ने कहा कि या धारयति स. धर्म: जो धारण किया जाये वह धर्म है। इसलिए जो व्यक्ति अपने जीवन व्यवहार, कर्मों शुभ कर्म, शुभ परोपकार के कार्य को अपनाता है, वह धार्मिक है। यही धर्म की परिभाषा है जिसको सब माने, जिस पर कोई सवाल ना करें। पंडित रामनिवास ने अपने भजन प्रवचनों के माध्यम से आज के समाज में चल रहे अधर्म, अन्याय, दुर्व्यवहार, पाखण्ड आदि विषयों पर प्रकाश डाला।
प्रधान अशोक वर्मा का संबोधन और उपस्थिति
कार्यक्रम के अन्त में प्रधान अशोक वर्मा ने धन्यवाद उद्बोधन दिया एवं युवा शक्ति, नारी शक्ति और बच्चों में आर्य समाज के माध्यम से कैसे विकास हो, आर्य समाज किस प्रकार से समाज में परोपकार और सुधार के कार्य कर रहा है, इन विषयों पर चर्चा की। इस मौके पर मंत्री ओम प्रकाश खर्रा, लेखानिरक्षक राजेन्द्र बैनीवाल, अनुज बैनीवाल, ऋषभ बैनीवाल, श्योचन्द्र बैनीवाल, कुलदीप आर्य, विजय आर्य, मनोहरलाल हुड्डा, कुनाल आर्य, रतिराम आर्य, शमशेर सिंह, सुधाकर शर्मा, मन्जू शर्मा, इन्द्रपाल आर्य, मुनीष आर्य, उपप्रधान हवा सिंह, वेद पाल आर्य, प्रदीप कुमार बाना, साहबराम, भागीरथ, रामलाल सरदाना, रामप्रताप सरपंच, सुखविन्दर, सुरेन्द्र पूनिया, प्रेम सैनी, शिवम, शुभभ खर्रा, गरिमा, कोयल देवी, सुनील, रामकुमार, उर्वशी, राजकुमार, प्रशान्त, हैप्पी आर्य, अनिल शास्त्री मिगलानी, चन्द्रभान, विकास आर्य, सुभाष, सोनिया, ऋषि किशोर खर्रा, दीपक भाटी, प्रवीण, अभय आर्य, संजीव सैनी, त्रिलोक नाथ, बलवीर, सुरजीत, गीता, गिरधारी लाल, सरपंच अनीता जैन सहित अन्य महानुभाव उपस्थित थे।