सिरसा में फर्जी दस्तावेज तैयार कर नशे से अर्जित संपत्ति बचाने की कोशिश, तस्कर गिरफ्तार

सिरसा जिले में पुलिस ने नशा तस्करी से जुड़ी अवैध संपत्ति को बचाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करवाने के गंभीर मामले में एक नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गुरुवार को जिला क्षेत्र से की गई है। गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी की पहचान वकील सिंह के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी की लगभग 30 लाख रुपये की संपत्ति को पुलिस द्वारा पहले ही फ्रीज किया जा चुका है।
फर्जी दस्तावेज तैयार करने का पूरा मामला
पुलिस जांच के दौरान यह बड़ा खुलासा हुआ है कि आरोपी ने नशे के अवैध कारोबार से कमाई गई संपत्ति को वैध कृषि आय से प्राप्त संपत्ति बताने की पूरी कोशिश की थी। इस अवैध प्रयास के तहत आरोपी ने करीब 97 कनाल भूमि का एक फर्जी ठेकानामा तैयार करवाया था। इस फर्जी ठेकेदार के आधार पर आगे जे-फॉर्म, आईटीआर यानी इनकम टैक्स रिटर्न, ठेकानामा और अन्य कई तरह के दस्तावेज भी तैयार किए गए थे।
अधिकारियों के समक्ष पेश किए गए फर्जी कागजात
इन सभी तैयार किए गए फर्जी दस्तावेजों को सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक दिल्ली के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। ऐसा करने का मुख्य उद्देश्य संपत्ति की फ्रीजिंग और अटैचमेंट की सख्त कार्रवाई से बचना था। पुलिस की गहन जांच में यह बात भी सामने आई है कि इन दस्तावेजों पर मार्केट कमेटी डबवाली और कालांवाली की फर्जी मोहरों का इस्तेमाल किया गया था। फर्जी जे-फॉर्म में एक विशेष फर्म का नाम इस्तेमाल करने के पुख्ता आरोपों के आधार पर थाना सदर डबवाली में एक नया मामला दर्ज किया गया है।
आरोपी पर पहले से दर्ज हैं कई आपराधिक मामले
पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी वकील सिंह के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल आठ मामले पहले से दर्ज हैं। नशा तस्करी से अर्जित की गई अवैध संपत्ति के रूप में चिह्नित करते हुए, बीते 31 जुलाई को उसकी करीब 30 लाख रुपये की चल और अचल संपत्ति को फ्रीज किया गया था। इस फ्रीज की गई संपत्ति में 14 कनाल कृषि भूमि, बैंक खाते में मौजूद राशि और एक मोटरसाइकिल भी शामिल है।
पुलिस अधीक्षक का बयान
इस मामले पर बोलते हुए पुलिस अधीक्षक जसलीन कौर ने स्पष्ट कहा है कि नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस की यह कार्रवाई केवल उनकी गिरफ्तारी और नशीले पदार्थों की बरामदगी तक ही सीमित नहीं है। नशे के अवैध कारोबार से कमाई गई काली कमाई और उस काली कमाई से बनाई गई संपत्तियों की लगातार पहचान की जा रही है। पुलिस द्वारा कानून के अनुसार इन सभी संपत्तियों को फ्रीज और अटैच करने की सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।