सिरसा में सिंचाई पानी की किल्लत को लेकर किसानों का धरना, सरकार के खिलाफ नारेबाजी

सिरसा में सिंचाई पानी की किल्लत को लेकर किसानों का धरना, सरकार के खिलाफ नारेबाजी

सिरसा जिले के रानियां खंड के आधा दर्जन गांवों में सिंचाई पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। इस समस्या से परेशान होकर किसानों ने मंगलवार को सिंचाई विभाग सिरसा कार्यालय में धरना दिया। किसानों ने इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों का मुख्य कहना है कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र के गांवों में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा है। पानी नहीं मिलने के कारण उनकी फसलें बुरी तरह से प्रभावित हो रही हैं।

फतेहपुरिया और महम्मदपुरिया समेत इन गांवों में है गंभीर संकट

किसान नेता वीरभान मेहता और कालू राम गोदारा ने इस बारे में पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रानियां खंड के फतेहपुरिया, महम्मदपुरिया, कुस्सर, बालासर, नाईवाला और खाजाखेड़ा गांवों में सिंचाई पानी का गंभीर संकट बना हुआ है। खेतों में समय पर पानी नहीं पहुंचने से फसलों को बड़ा नुकसान होने की पूरी आशंका है। ऐसे में सभी किसानों ने मिलकर सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द पानी की उचित व्यवस्था की जाए।

AtalHind की हर खबर सबसे पहलेJoin Channel

घग्गर नाईवाला खरीफ चैनल में नहीं पहुंचा पानी

किसानों ने आगे बताया कि घग्गर नाईवाला खरीफ चैनल में दो बार फलडी पानी आ चुका है। इसके बावजूद उनके गांवों में अभी तक घग्गर का पानी नहीं पहुंच पाया है। इस गंभीर समस्या के बारे में वे कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों से मिल चुके हैं। मगर अधिकारियों की तरफ से हर बार केवल आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला है। किसानों ने कहा कि इस बार बारिश भी बहुत कम हुई है। इस वजह से उनकी फसलें तेजी से सूख रही हैं। यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं होती हैं, तो किसान बड़ा धरना प्रदर्शन करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री के सिरसा आने पर उन्हें काले झंडे भी दिखाए जाएंगे।

अवैध मोटरों और पाइपलाइन से पानी रोकने का आरोप

गांवों में यह समस्या आज से नहीं बल्कि बहुत पहले से चली आ रही है। स्थिति यह है कि दूसरे गांवों के किसान बड़ी-बड़ी पाइपलाइन बिछाकर और मोटर लगाकर सारा पानी खींच रहे हैं। प्रशासन ने पहले उन पाइपों को हटाने का काम किया था, लेकिन तब कोई सही कार्रवाई नहीं हुई। इसी बड़ी लापरवाही के कारण टेल पर बसने वाले गांवों को फलडी पानी बिल्कुल नहीं मिल पा रहा है।

अधिकारियों से मुलाकात और सख्त कार्रवाई की मांग

धरने के बाद किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी। किसानों ने अधिकारियों से यह सख्त मांग की कि प्रभावित गांवों तक पर्याप्त मात्रा में सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए जाएं। किसानों ने विशेष रूप से पत्थर वाली पाइप लाइन को हटाने की मांग की है। इसके अलावा अवैध रूप से लगाई गई मोटरों पर भी तुरंत कार्रवाई की मांग उठाई गई। किसानों का सीधा आरोप है कि अवैध तरीके से चलाई जा रही मोटरों के कारण पानी का मुख्य प्रवाह प्रभावित हो रहा है। इसी वजह से अंतिम छोर पर बसे गांवों तथा गरीब किसानों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है।

Share:

Comments

Leave a comment