सिरसा में मुआवजे की मांग को लेकर पानी की टंकी पर चढ़े दो किसान, कृषि भूमि पर टावर लगाने का कर रहे हैं विरोध

सिरसा जिले के गांव वैदवाला में मुआवजे की मांग को लेकर गुरुवार को दो किसान पानी की टंकी पर चढ़ गए। यह किसान अपनी कृषि भूमि के ऊपर डाली जा रही हाईटेंशन बिजली लाइनों और टावरों का कड़ा विरोध कर रहे हैं। किसान उचित मुआवजा देने की मांग को लेकर पिछले एक पखवाड़े से जिला मुख्यालय पर लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे थे।
प्रशासन पर सुनवाई न करने का आरोप
प्रशासन की तरफ से कोई भी सुनवाई न होने पर किसान वापस अपने गांव में पहुंच गए। इसके बाद गांव में दो किसान पानी की टंकी पर चढ़ गए। किसानों ने टंकी पर ही अपना धरना शुरू कर दिया है। किसानों ने एक वीडियो जारी करके कहा है कि उनकी सभी मांगें पूरी तरह से जायज हैं।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष का मिला समर्थन
कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल तुरंत मौके पर पहुंचीं और उन्होंने आंदोलनरत किसानों को अपना समर्थन दिया। संतोष बेनीवाल ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसानों को अपने जायज हक के लिए भी भाजपा सरकार से हर बार सड़क पर उतरकर लड़ना पड़ता है। उनका यह भी कहना था कि यह सरकार केवल आंदोलन और दबाव की भाषा ही अच्छी तरह समझती है। इतिहास इस बात का गवाह है कि जब-जब किसानों की संख्या और उनकी एकता मजबूत हुई है, तब-तब सत्ता को झुकना पड़ा है। उन्होंने प्रशासन और सरकार से यह मांग की है कि वे किसानों की सभी जायज मांगों पर तुरंत संज्ञान लें और बातचीत के जरिए इसका समाधान निकालें।
किसान नेता ने सरकार को घेरा
किसान नेता भूपेंद्र सिंह ने कहा कि उनकी मांगें बिल्कुल जायज हैं, लेकिन सरकार अपना अड़ियल रवैया अपना रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के अन्य जिलों में मुआवजा बढ़ाकर दिया जा रहा है, जबकि सिरसा जिले में किसानों को बहुत कम मुआवजा दिया जा रहा है। किसान नेता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसान अपने संघर्ष से पीछे बिल्कुल भी नहीं हटने वाले हैं। वे अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगे और अपना पूरा हक लेकर ही रहेंगे।