सिरसा में जमीन की खरीद-फरोख्त में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। अदालत के स्टे के बावजूद जमीन बेचने और फर्जी दस्तावेज तैयार कर रजिस्ट्री करवाने के आरोप में पुलिस ने नायब तहसीलदार सहित सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई बुधवार को की गई है।
आरोप है कि बाद में आरोपी पक्ष ने शिकायतकर्ता को धमकाया। उन्होंने बयाने की रकम हड़पने और जमीन की रजिस्ट्री उसके नाम नहीं कराने की बात कही।
जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बेचने की तैयारी की जानकारी मिलने पर शिकायतकर्ता ने अदालत में सिविल केस दायर किया। शिकायत के मुताबिक अदालत ने जमीन आगे बेचने पर रोक लगा दी थी।
इसके बावजूद 25 मई को जमीन गुरमीत कौर के नाम कर दी गई। शिकायतकर्ता के अनुसार वह एक जून को इकरारनामे के तहत रजिस्ट्री करवाने के लिए बकाया राशि लेकर तहसील कार्यालय पहुंचा था।
लेकिन वहां उसे पता चला कि जमीन की रजिस्ट्री गुरमीत कौर के नाम हो चुकी है। पुलिस ने शिकायत पर प्राथमिकी कर ली है।
मामले के जांच अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि शिकायत के आधार पर नायब तहसीलदार अशोक कुमार, डीड राइटर जगदेव सिंह, नंबरदार हरबंस सिंह व जसपाल सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
इसके अलावा गांव वैदवाला निवासी सुखविंद्र कौर, उसके बेटा मनजीत सिंह और हुडा कॉलोनी सिरसा निवासी गुरमीत कौर के खिलाफ भी विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।