सिरसा में सडक़ सुरक्षा क्विज कंपीटिशन का आयोजन, एक लाख 70 हजार विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

सिरसा जिले में सडक़ सुरक्षा को लेकर एक बड़ा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। इस प्रतियोगिता में जिलेभर के स्कूलों और कॉलेजों के करीब एक लाख 70 हजार विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया है। जिला पुलिस की ओर से सोमवार को यह प्रतियोगिता आयोजित की गई थी।
पुलिस अधीक्षक ने किया परीक्षा केंद्र का निरीक्षण
पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण ने परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत की और उन्हें सडक़ सुरक्षा नियमों की पालना के लिए प्रेरित किया। एसपी दीपक सहारण ने जानकारी दी कि जिले के करीब 848 सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों और 25 सरकारी व गैर सरकारी कॉलेजों में यह प्रतियोगिता आयोजित करवाई जा रही है।
युवा वर्ग में बढ़ रही है यातायात नियमों के प्रति जागरूकता
एसपी ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का प्रतियोगिता में शामिल होना इस बात का संकेत है कि युवा वर्ग यातायात नियमों और सडक़ सुरक्षा को लेकर जागरूक हो रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों को छोटी उम्र से ही यातायात नियमों की जानकारी देना जरूरी है। बचपन सीखने की सबसे बेहतर अवस्था होती है।
बचपन से जरूरी है यातायात नियमों की सीख
इस उम्र में बच्चों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, ट्रैफिक सिग्नल का पालन करने और सडक़ पार करते समय सावधानी बरतने जैसी जरूरी बातें सिखाई जाएं तो इसका सकारात्मक असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। उन्होंने बताया कि यह प्रतियोगिता तीन चरणों में होगी। जिला स्तर पर प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
सडक़ सुरक्षा है हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी
एसपी ने कहा कि सिरसा पुलिस की ओर से स्कूलों व कॉलेजों में समय-समय पर सेमिनार, जागरूकता कार्यक्रम और गोष्ठियां आयोजित कर विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सडक़ पर सुरक्षित सफर के लिए नियमों की जानकारी के साथ उनकी पालना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि सडक़ सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।