सिरसा: हड़ताली सफाई कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जताया रोष, 11 कर्मचारियों ने मुंडवाया सिर, चालक से मारपीट करने वाला कर्मचारी निलंबित

सिरसा जिले में हड़ताली सफाई कर्मचारियों ने शुक्रवार को सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। सफाई कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान अपना सिर मुंडवा लिया। नगरपालिका कालांवाली के बाहर धरने पर बैठे 11 कर्मचारियों ने इस अनोखे तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। मुंडन के माध्यम से कर्मचारियों ने सरकार का ध्यान अपनी लंबित मांगों की ओर खींचने का प्रयास किया है।
कर्मचारियों ने बताया कि वे अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन अभी तक उनकी समस्याओं का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं करेगी, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।
सिरसा नगर परिषद ने कर्मचारी को किया निलंबित
डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाले गाड़ी चालक से मारपीट और वाहन में तोड़फोड़ करने के मामले में नगर परिषद सिरसा ने सफाई कर्मचारी वीरेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया है। वहीं, पुलिस ने छह नामजद लोगों समेत 10 से अधिक लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन लोगों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट करने और तोड़फोड़ करने सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब इन आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
नगर परिषद की ओर से जारी किया गया नोटिस कार्यकारी अधिकारी के कार्यालय के बाहर चस्पा किया गया है। पुलिस ने कार्यकारी अधिकारी सुमनलता की शिकायत पर राजू, वीरेंद्र कुमार, अनमोल, कांताराम, सर्वजीत, जसवंत और प्रिंस समेत अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
कर्मचारियों को ड्यूटी पर लौटने का नोटिस
नगर परिषद ने हड़ताली कर्मचारियों को नोटिस जारी कर दिए हैं। नोटिस में कहा गया है कि सफाई कर्मचारी 6 अगस्त से हड़ताल पर हैं, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। इसके कारण शहर में बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि काम करने वाले कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया है और वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया है।
नोटिस में हाईकोर्ट के सफाई व्यवस्था संबंधी आदेशों का हवाला देते हुए सभी कर्मचारियों को 5 सितंबर तक ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कर्मचारी ऐसा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।