झींगा उत्पादन में सिरसा बन रहा सिरमौर, बिहार की टीम ने जानी बारीकियां

हरियाणा के सिरसा जिले में खारे पानी वाले क्षेत्रों में झींगा पालन किसानों के लिए आय का एक नया जरिया बनकर उभरा है। इसी वजह से हरियाणा के इस मॉडल को अब दूसरे राज्य भी समझने और अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं। इस संबंध में शुक्रवार को बिहार की एक टीम ने सिरसा जिले का दौरा किया।
मत्स्य पालन विभाग ने दी जानकारी
मत्स्य पालन विभाग सिरसा के जिला अधिकारी जगदीश चंद्र की टीम ने बिहार की टीम को जिले में संचालित विभिन्न मत्स्य पालन गतिविधियों की जानकारी दी। टीम को झींगा उत्पादन से जुड़ी व्यवस्थाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया। जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र ने कहा कि इस दौरे से राज्यों के बीच मत्स्य पालन के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग और अनुभव साझा करने की संभावनाएं काफी हद तक बढ़ी हैं। इससे भविष्य में किसानों के लिए नई तकनीक, बेहतर सुविधाओं और झींगा उत्पादन को बढ़ावा देने वाली योजनाओं का रास्ता भी मजबूत हो सकता है।
बिहार की टीम ने किया झींगा फार्मों का दौरा
बिहार की टीम ने सिरसा जिले में मत्स्य किसानों के झींगा उत्पादन फार्मों का प्रत्यक्ष रूप से दौरा किया। टीम ने गांव अहमदपुर दारेवाला और कर्मशाना में स्थापित झींगा उत्पादन फार्मों का अवलोकन किया। इसके साथ ही टीम ने वहां के स्थानीय किसानों से झींगा पालन से जुड़े अपने अनुभवों की जानकारी ली। इसके अलावा गांव चोरमार में स्थापित झींगा उत्पाद के कोल्ड स्टोर का भी विशेष रूप से निरीक्षण किया गया। टीम ने झींगा उत्पादन से लेकर उसके भंडारण और आगे की प्रक्रिया से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को बारीकी से समझा।
आधुनिक तकनीक और ब्लैक टाइगर प्रजाति का अवलोकन
गांव कर्मशाना में आधुनिक तकनीक आधारित आईओटी बेस विकसित झींगा उत्पादन की शुरुआत की गई है। इस नई तकनीकी के बारे में बिहार की टीम को बहुत ही विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। वहीं पर एक और नई पहल की शुरुआत करते हुए झींगा की ही ब्लैक टाइगर प्रजाति के सफल उत्पादन की शुरुआत की गई है, जिसके बारे में भी टीम को पूरी जानकारी दी गई।