सिरसा में सिख समुदाय ने सांसद दीपेंद्र हुड्डा का पुतला फूंककर जताया कड़ा रोष

रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा द्वारा सिखों पर हुए अत्याचार के मामले में मुख्य आरोपी रहे पूर्व सांसद सज्जन कुमार को अपना आदर्श बताने पर सिख समाज ने शनिवार को सांसद दीपेंद्र हुड्डा का पुतला फूंका। सिख समाज के लोगों ने उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन से पूर्व सिख समाज के लोग सिरसा के जनता भवन में एकत्रित हुए थे। वहां वक्ताओं ने वर्ष 1984 में कांग्रेस शासन के दौरान सिखों पर किए गए अत्याचारों की कड़ी आलोचना की।
सज्जन कुमार को आदर्श बताने पर फूटा गुस्सा
वक्ताओं ने कहा कि सांसद दीपेंद्र हुड्डा उस व्यक्ति को अपना आदर्श बता रहे हैं जिन्होंने सिखों के गले में टायर डालकर उन्हें मारने जैसा कठोर षड्यंत्र रचा था। इस मामले के लिए वे न्यायालय से भी दोषी ठहराए गए हैं। उस दौर में महिलाओं से दुराचार करते हुए सिख कौम पर तीन दिन तक निरंतर अत्याचार किया गया था। जबकि सिख पंथ ने सदैव देश की सुरक्षा और अध्यात्म के लिए अपना सर्वस्व बलिदान दिया है।
कांग्रेस और भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
रोष जता रहे लोगों ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा सही मायने में सिखों की दुश्मन हैं। वर्ष 1984 में कांग्रेस ने देश में जातिगत तौर पर बांटने का षड्यंत्र रचा था। मगर देशवासियों ने इस एकता और अखंडता को टूटने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में दरबार साहिब पर भी हमला हुआ था जो कि एक अत्यंत निंदनीय घटना थी।
दरबार साहिब हमले और नफरत की राजनीति की निंदा
दरबार साहिब पर हमलों के दौरान अनेक निर्दोष लोग मारे गए थे। कांग्रेस ने उस दौरान नफरत की राजनीति की थी। अब ऐसे बयान पर सिख समुदाय कांग्रेस नेता की कड़ी आलोचना करता है। सिख समाज ने इस बयान को लेकर अपना गहरा रोष प्रकट किया है और सांसद के खिलाफ नाराजगी जताई है।