सिरसा का जवान जम्मू-कश्मीर में देश की रक्षा करते हुए शहीद, पैतृक गांव कुत्ताबढ़ में शनिवार को होगा अंतिम संस्कार

सिरसा जिले के गांव कुत्ताबढ़ निवासी सुखचैन सिंह जम्मू-कश्मीर में शहीद हो गए हैं। उन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी है। उनका पार्थिव शरीर शनिवार को पैतृक गांव कुत्ताबढ़ पहुंचेगा। गांव में उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। खराब मौसम के कारण आज पार्थिव देह पैतृक गांव नहीं पहुंच पाई है। शहीद सुखचैन सिंह जम्मू-कश्मीर के राजौरी में अपनी ड्यूटी पर तैनात थे, जब वे शहीद हुए।
परिवार और गांव में शोक की लहर
शहादत की सूचना मिलने पर रिश्तेदार और ग्रामीण उनके आवास पर पहुंचे। सभी लोगों ने दुखी परिवार को ढांढ़स बंधाया। गांव के सरपंच बेअंत सिंह ने कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा गांव शहीद के परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। शहीद सैनिक सुखचैन सिंह के भाई सरबजीत सिंह ने मीडिया को जानकारी दी। सरबजीत ने बताया कि करीब दो महीने पहले ही सुखचैन छुट्टी पर अपने घर आए थे।
बेटे के जन्मदिन पर घर आने की कही थी बात
बीते वीरवार को ही बड़े भाई सुखचैन से फोन पर बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि वे बिल्कुल ठीक हैं। सुखचैन ने कहा था कि वे दस दिन बाद घर छुट्टी लेकर आएंगे। दस दिन बाद ही शहीद सुखचैन के बेटे आकाशदीप का जन्मदिन है। इसी खास वजह से उन्होंने जल्द घर आने की बात कही थी। दोपहर के समय परिवार को सुखचैन सिंह के शहीद होने का दुखद समाचार मिला। सेना के एक अधिकारी ने फोन पर परिवार को पूरी जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि सुखचैन अब अमर हो चुके हैं।
साल 2015 में सेना में हुए थे भर्ती
शहीद सुखचैन सिंह 27 सितंबर 2015 को भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। उनकी उम्र करीब 30 वर्ष थी। वे ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव कुत्ताबढ़ के मूल निवासी थे। हाल ही में वे 59 इंजीनियरिंग रेजीमेंट राजौरी, कश्मीर में अपनी सेवाएं दे रहे थे।