सिरसा के एसपी ने जारी की जरूरी एडवाइजरी, सोशल मीडिया के फोटो ट्रेंड से रहने की दी सलाह

सिरसा के पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण ने एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी में नागरिकों को सोशल मीडिया के किसी भी ट्रेंड को आंख मूंदकर फॉलो न करने की कड़ी सलाह दी गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मनोरंजन के उद्देश्य से किसी ऐप पर डाली गई तस्वीर का भविष्य में गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।
सोशल मीडिया पर वायरल 80 के दशक के फोटो ट्रेंड से खतरा
पुलिस अधीक्षक ने विशेष रूप से उल्लेख किया है कि आजकल सोशल मीडिया पर 80 के दशक का फोटो बनवाने का जो ट्रेंड चल रहा है, वह नागरिकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है। मनोरंजन के लिए किसी भी थर्ड पार्टी ऐप पर अपनी तस्वीर अपलोड करने से पहले उसके जोखिमों को समझना बेहद आवश्यक है।
ऐप की विश्वसनीयता और प्राइवेसी पॉलिसी की करें जांच
सोमवार को जारी की गई पुलिस एडवाइजरी में यह बात सामने आई है कि किसी भी ऐप पर फोटो अपलोड करने से पहले उस ऐप या वेबसाइट की विश्वसनीयता और उसकी प्राइवेसी पॉलिसी को जरूर जांचना चाहिए। फोटो इंटरनेट पर डालने से पहले यह बात अवश्य जान लें कि आपका निजी डाटा आखिर जा कहां रहा है।
साइबर ठगों के नए तरीके और एआई का दुरुपयोग
आजकल साइबर ठग भी समय के साथ ठगी के अपने नए-नए तरीके अपना रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की मदद से आवाज की नकल कर परिचित बनकर पैसे मांगने जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसके साथ ही अब तस्वीरों और एआई से तैयार की गई सामग्री के दुरुपयोग का बड़ा खतरा भी लोगों के सामने आ गया है।
फर्जी अकाउंट और धोखाधड़ी से बचने की चेतावनी
पुलिस का कहना है कि केवल फोटो अपलोड करने से मोबाइल का फेस लॉक अपने आप खुल जाने की बात मानकर डरने की कोई जरूरत नहीं है। हालांकि, आपकी तस्वीर का इस्तेमाल फर्जी अकाउंट बनाने, भ्रामक पोस्ट डालने या पहचान से जुड़ी धोखाधड़ी में आसानी से किया जा सकता है।
डिजिटल सुरक्षा को दांव पर न लगाएं नागरिक
अंत में एसपी दीपक सहारण ने कहा कि एआई तकनीक का इस्तेमाल करने में कोई बुराई नहीं है। लेकिन किसी भी अनजान ऐप और वेबसाइट पर अपनी निजी तस्वीरें डालने से पहले सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि किसी भी ट्रेंड के चक्कर में अपनी डिजिटल सुरक्षा को बिल्कुल भी दांव पर न लगाएं।