तरावड़ी के एस.एम.एस. स्कूल में धूमधाम से मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, दही हांडी प्रतियोगिता रही आकर्षण का केंद्र

तरावड़ी के एस.एम.एस. मैमोरियल पब्लिक स्कूल में भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर भव्य एवं रंगारंग समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंधक गुरशरण सिंह ग्रेवाल एवं प्राचार्या डॉ. विभा कौशिक द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं
विद्यालय में विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों द्वारा मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियाँ, भजन-कीर्तन, मटकी सजाओ प्रतियोगिता, बाँसुरी सजाओ तथा दही हांडी कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहें। विद्यालय के नन्हे मुन्ने विद्यार्थी भगवान श्रीकृष्ण और राधा के स्वरूप में बहुत सुंदर लग रहे थे।
संस्कृति और शिक्षाओं का प्रसार
रंग-बिरंगी सजावट और उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच बच्चे भारतीय संस्कृति एवं भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं से परिचित हुए। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला। विद्यालय के प्रबंधक गुरशरण सिंह ग्रेवाल ने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन बच्चों को अपनी समृद्ध भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ते हैं।
श्रीकृष्ण के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें प्रेम, सत्य, कर्तव्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। हमें श्रीकृष्ण के बताए मार्ग पर चलते हुए सत्य, प्रेम, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और मानवता को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। हमें हमेशा अन्याय के विरुद्ध खड़े होकर अपने माता-पिता, गुरुजनों एवं सभी लोगों का सम्मान करना चाहिए।
दही हांडी और प्रधानाचार्य का संदेश
विद्यालय में दही हांडी कार्यक्रम बड़े ही उत्साह और हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। विद्यार्थियों ने पूरे जोश और उमंग के साथ इस कार्यक्रम में भाग लिया। दही हांडी उत्सव ने सभी का मन मोह लिया और विद्यालय परिसर हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की के जयघोष से गूंज उठा। विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. विभा कौशिक ने कहा कि जन्माष्टमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि बच्चों को भारतीय संस्कारों और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का एक सुंदर अवसर है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में आयोजित विभिन्न गतिविधियाँ विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, रचनात्मकता और प्रतिभा को निखारने में सहायक सिद्ध होंगी। कार्यक्रम का समापन श्री कृष्ण आरती के बाद सभी में प्रसाद वितरित कर किया गया।