सोनीपत में एसीबी की छापेमारी से घबराया सब इंस्पेक्टर छत से कूदा और चाय दुकानदार समेत गिरफ्तार

सोनीपत के खरखौदा थाना क्षेत्र में युवती से छेड़छाड़ के मामले में राजीनामा कराने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी ने चाय दुकानदार राकेश और उप निरीक्षक हरिप्रकाश को गिरफ्तार किया है। एसीबी ने चाय दुकानदार से आठ हजार रुपये की रिश्वत बरामद की है। कार्रवाई की भनक लगने पर उप निरीक्षक हरिप्रकाश थाना परिसर की ऊपरी मंजिल पर पहुंच गया। वह वहां से नीचे कूद गया जिससे उसके पैरों में चोट आई और एक पैर में फ्रैक्चर बताया गया है। उसे गुरुवार की रात को सिविल अस्पताल खरखौदा में भर्ती कराया गया है।
शिकायत और रिश्वत की मांग का मामला
एसीबी के अनुसार सिसाना गांव निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि उसके भाई के खिलाफ खरखौदा थाने में युवती से छेड़छाड़ संबंधी शिकायत दी गई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार मामले में राजीनामा कराने के लिए उप निरीक्षक हरिप्रकाश ने बीस हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में आठ हजार रुपये में बात तय हुई थी। रिश्वत देने से इनकार करने के बाद शिकायतकर्ता ने एसीबी को सूचना दी थी।
एसीबी का जाल और गिरफ्तारी की कार्रवाई
शिकायत मिलने पर एसीबी ने आरोपों की पुष्टि की और बातचीत की रिकॉर्डिंग की। इसके बाद रिश्वत लेने के लिए जाल बिछाया गया। शिकायतकर्ता को आठ हजार रुपये देकर खरखौदा थाने के सामने स्थित चाय की दुकान पर भेजा गया। वहाँ उसने चाय दुकानदार राकेश को रकम दी। रकम लेते ही एसीबी ने राकेश को पकड़ लिया।
छत से कूदने की घटना और अस्पताल पहुंचना
एसीबी के पहुंचने की भनक लगते ही हरिप्रकाश थाना परिसर की ऊपरी मंजिल पर पहुंच गया। उसने वहां से नीचे छलांग लगा दी। अंधेरा होने के कारण वह कुछ देर तक दिखाई नहीं दिया। बाद में जनरेटर के पीछे दर्द से कराहते मिलने पर पुलिसकर्मियों ने उसे अस्पताल पहुंचाया।
अन्य मामलों की जांच और पुराना रिकॉर्ड
एसीबी ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों के अनुसार शिकायतकर्ता के मामले की जांच पहले सहायक उप निरीक्षक सविता को सौंपी गई थी। उनके अचानक बाहर जाने पर जांच की जिम्मेदारी हरिप्रकाश को दी गई थी। एसीबी अब सविता की भूमिका की भी जांच करेगी। हरिप्रकाश पर वर्ष 2016 में भी रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। उस समय वह राजीव गांधी एजुकेशन सिटी, राई चौकी का प्रभारी था। उस पर 3500 रुपये मासिक रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। उस मामले में सतर्कता विभाग ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।