सोनीपत में आशा वर्कर भर्ती प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल, मेरिट की अनदेखी के लगे आरोप

सोनीपत में आशा वर्कर भर्ती प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल, मेरिट की अनदेखी के लगे आरोप

सोनीपत में आशा वर्कर भर्ती-2025 में कथित अनियमितताओं को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं अन्याय के विरुद्ध न्याय युद्ध के संस्थापक देवेंद्र गौतम ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। एक पत्रकार वार्ता के दौरान गुरुवार को कथित रूप से प्रभावित अभ्यर्थी नवीन भी मौजूद रहे

अधिकारियों को भेजी गई थीं शिकायतें

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देवेंद्र गौतम ने जानकारी दी कि अप्रैल 2026 में स्वास्थ्य विभाग और हरियाणा सरकार के संबंधित अधिकारियों को शिकायतें भेजी गई थीं। जब कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, तब 28 जुलाई 2026 को सीएम विंडो पर भी शिकायत दर्ज कराई गई।

विभिन्न कॉलोनियों में चयन को लेकर आरोप

गौतम के अनुसार महावीर कॉलोनी शहरी स्वास्थ्य केंद्र के तहत आने वाली कॉलोनियों में चयन को लेकर मेरिट और चयन के बीच अंतर के गंभीर आरोप हैं। महावीर कॉलोनी के अंतर्गत आने वाली इंडियन कॉलोनी, न्यू महावीर कॉलोनी, मालवीय नगर, देवीलाल कॉलोनी और ईदगाह कॉलोनी में चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं।

विस्तृत आंकड़ों का दिया गया हवाला

उपलब्ध विवरण का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि इंडियन कॉलोनी में दो अभ्यर्थियों के 18 और 15 अंक थे, लेकिन कथित तौर पर 12 और 14 अंक वालों को चयन या नियुक्ति दे दी गई। इसी तरह न्यू महावीर कॉलोनी में 17 अंक वाले अभ्यर्थी के बजाय 15 अंक वाले को नियुक्ति दिए जाने का आरोप लगाया गया है।

अन्य क्षेत्रों के आंकड़े भी आए सामने

मालवीय नगर में 15 और 14 अंक वालों को छोड़कर 13 अंक वाले को नियुक्ति दी गई। देवीलाल कॉलोनी में 17 अंक वाली महिला अभ्यर्थी के बजाय 14 अंक वाले को चुना गया। इसके अलावा ईदगाह कॉलोनी में 16 और 13 अंक वालों के बजाय 10 अंक वाले अभ्यर्थी को नियुक्ति दिए जाने का आरोप लगाया गया है।

स्वतंत्र जांच समिति की मांग

गौतम ने कहा कि इन सभी दावों की पुष्टि विभागीय मूल रिकॉर्ड से होना बहुत जरूरी है। उन्होंने आवेदन, पात्रता दस्तावेज, दस्तावेज सत्यापन, मेरिट सूची, चयन समिति की बैठक की कार्यवाही और नियुक्ति संबंधी रिकॉर्ड की स्वतंत्र जांच की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि उपायुक्त और अतिरिक्त उपायुक्त की निगरानी में ऐसी जांच समिति बनाई जाए, जिसमें भर्ती में प्रत्यक्ष भूमिका नहीं रखने वाले अधिकारी शामिल हों।

प्रभावित अभ्यर्थी नवीन का बयान

प्रभावित अभ्यर्थी नवीन ने बताया कि उन्होंने सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज कराई थी। मीडिया में मामला सामने आने के बाद उन्हें नियुक्ति संबंधी पत्र तो मिल गया, लेकिन उन्हें अब तक नियुक्ति का लाभ नहीं मिल पाया है।

दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

देवेंद्र गौतम ने स्पष्ट किया कि जांच में अनियमितता प्रमाणित होने पर जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। यदि कोई आपराधिक कृत्य या षड्यंत्र प्रमाणित होता है, तो कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने भर्ती से जुड़े सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और पात्र अभ्यर्थियों को न्याय देने की पुरजोर मांग की है।

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