सोनीपत जिला में पनीर, घी व मक्खन के नाम पर गैर-मानक उत्पाद बेचने पर एक वर्ष की रोक

सोनीपत, 02 सितंबर। हरियाणा सरकार ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कड़े कदम उठाए हैं। सरकार ने पनीर, घी और मक्खन के नाम पर बेचे जाने वाले एनालॉग, गैर-डेयरी और गैर-मानक उत्पादों के विनिर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर एक वर्ष के लिए रोक लगा दी है। यह आदेश 17 अगस्त 2026 को जारी किए गए थे। इसके बाद ये आदेश 21 अगस्त 2026 को हरियाणा सरकार के राजपत्र में प्रकाशित किए गए हैं।
पनीर और डेयरी उत्पादों के नए नियम
सोनीपत की उपायुक्त नेहा सिंह ने बुधवार को इस बारे में पूरी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि वास्तविक पनीर में दूध की वसा या मिल्क सॉलिड्स की जगह वनस्पति तेल, रिफाइंड वसा या अन्य गैर-डेयरी सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे गैर-डेयरी सामग्री से तैयार उत्पाद को पनीर के नाम से बेचना कानूनन अपराध है। जिले के सभी होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, कैटरर्स और क्लाउड किचन संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। इन सभी संचालकों को ऐसे पनीर का निर्माण, भंडारण, बिक्री या अपने व्यंजनों में इस्तेमाल न करने के लिए कहा गया है। ग्राहकों को केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप असली डेयरी पनीर ही उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
घी और मक्खन के नाम पर भ्रमित करने पर रोक
उपायुक्त ने आगे बताया कि निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करने वाले किसी भी उत्पाद को घी के नाम से भी नहीं बेचा जा सकता है। पूजा का घी, हवन का घी, दीया घी, वनस्पति घी या कुकिंग घी जैसे नामों का इस्तेमाल बंद कर दिया गया है। ऐसे नामों से गैर-मानक उत्पाद बेचकर अब ग्राहकों को भ्रमित नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा, वनस्पति वसा या तेल से बने मार्जरीन और फैट स्प्रेड को मक्खन या माखन के नाम से बेचना और परोसना भी पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
मिठाई निर्माताओं के लिए निर्देश और खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई
उपायुक्त ने कहा कि सभी मिठाई निर्माताओं और हलवाइयों को पैक की गई मिठाइयों पर स्पष्ट जानकारी देनी होगी। उन्हें यह बताना जरूरी होगा कि मिठाई देशी घी में बनी है या फिर वनस्पति वसा अथवा तेल में। उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को जिले के सभी खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच करने के कड़े निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित उत्पाद जब्त किए जाएंगे। इन उत्पादों को नियमानुसार नष्ट भी किया जा सकता है। इसके अलावा दोषियों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
प्रतिबंध से छूट और उपभोक्ताओं के लिए अपील
यह प्रतिबंध केवल गैर-मानक उत्पादों पर है और यह निर्धारित गुणवत्ता वाले असली डेयरी घी और मक्खन पर लागू नहीं होता है। इस पूरी कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और हितों की रक्षा करना है। गैर-मानक और भ्रामक नामों से बिक रहे उत्पादों पर पूरी तरह से रोक लगाई जा रही है। उपायुक्त ने आम लोगों से भी एक बड़ी अपील की है। उन्होंने लोगों से कहा है कि वे कोई भी खाद्य उत्पाद खरीदते समय उसके लेबल और गुणवत्ता की जानकारी जरूर जांच लें।