सोनीपत: नागरिक अस्पताल में डिलीवरी के तीन घंटे बाद महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

सोनीपत के नागरिक अस्पताल में एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ सामान्य डिलीवरी के करीब तीन घंटे बाद 23 वर्षीय महिला की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। महिला ने एक बेटे को जन्म दिया था। डिलीवरी के तुरंत बाद मां और बच्चा दोनों की हालत पूरी तरह से सामान्य थी। महिला की मौत के बाद परिजनों ने लेबर वार्ड के चिकित्सकों और स्टाफ पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। वहीं दूसरी ओर, अस्पताल प्रशासन ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। अस्पताल प्रशासन ने मौत की मुख्य वजह ब्रेड का सांस की नली में फंसना बताया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
मृतका की पहचान और अस्पताल में आने की पूरी जानकारी
मृतका की पहचान गांव टांडा झुंडपुरा निवासी 23 वर्षीय रीना पत्नी राहुल के रूप में हुई है। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को शाम के समय पांच बजे रीना को डिलीवरी के लिए नागरिक अस्पताल लाया गया था। अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा जांच करने के बाद उसे लेबर वार्ड में भर्ती कर लिया गया था। रात को सात बजे उसकी सामान्य डिलीवरी हुई और उसने एक बेटे को जन्म दिया। परिजनों का यह कहना है कि डिलीवरी होने के बाद रीना बिल्कुल ठीक थी और वह सभी से बातचीत भी कर रही थी।
तबीयत बिगड़ने और परिजनों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप
परिजनों के मुताबिक, डिलीवरी के करीब दो घंटे बाद अचानक रीना की तबीयत बहुत ज्यादा बिगड़ने लगी। परिवार के लोगों ने तुरंत इसकी जानकारी अस्पताल के चिकित्सक और वहां मौजूद स्टाफ को दी। परिजनों का मुख्य आरोप यह है कि उन्होंने रीना को किसी दूसरे अस्पताल में ले जाने के लिए रेफर करने की मांग की थी। इसके लिए उन्होंने एंबुलेंस की व्यवस्था भी कर ली थी, लेकिन अस्पताल के स्टाफ ने उसे बाहर ले जाने की अनुमति नहीं दी। रात को ठीक 10 बजे रीना की मौत हो गई। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और लापरवाही के आरोप लगाए।
अस्पताल प्रशासन का पक्ष और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच के आदेश
अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. रिचा ने परिजनों के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने बताया कि सामान्य डिलीवरी होने के बाद जच्चा और बच्चा दोनों को सुरक्षित वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था। बाद में परिजनों ने रीना को लेटे हुए ब्रेड और चाय खाने के लिए दी थी। संभवत: वही ब्रेड उसकी सांस की नली में फंस गई, जिससे उसे सांस लेने में भारी परेशानी हुई। इसके कारण उसकी सांस और ब्लीडिंग रुकने की स्थिति पैदा हो गई। अस्पताल के स्टाफ ने रीना को बचाने का हरसंभव पूरा प्रयास किया, लेकिन अंत में उसकी मौत हो गई। मृतिका के शव को पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित भेज दिया गया है। चिकित्सक रिचा ने स्पष्ट किया कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगी। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ और इलाज से जुड़े सभी पहलुओं की पूरी निष्पक्ष जांच की जाएगी। यदि जांच के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।