सोनीपत में कांग्रेस कलह तेज: सांसद सतपाल ब्रह्मचारी का पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा पर बड़ा पलटवार

सोनीपत में कांग्रेस कलह तेज: सांसद सतपाल ब्रह्मचारी का पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा पर बड़ा पलटवार

सोनीपत में कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। सिख दंगों के दोषी सज्जन कुमार के निधन पर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा के दिए गए बयान को लेकर कांग्रेस में नया विवाद शुरू हो चुका है। यह विवाद अब तीखे आरोप-प्रत्यारोप के दौर में बदल गया है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा ने सांसद दीपेंद्र हुड्डा को कांग्रेस कार्यसमिति से हटाने की मांग उठाई थी। इसी मांग को लेकर सोनीपत के कांग्रेस सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने सोमवार को कुलदीप शर्मा पर तीखा पलटवार किया है।

सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने कुलदीप शर्मा को अहसान फरामोश करार दिया है। ब्रह्मचारी ने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार के समय सत्ता में महत्वपूर्ण स्थानों का आनंद लेने वाले नेता अब राजनीतिक परिस्थितियों को देखकर अपने बयान बदल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग कल तक हुड्डा परिवार के साथ खड़े नजर आते थे, वे लोग आज हुड्डा परिवार में कमियां निकालने का काम कर रहे हैं। सांसद ने दावा करते हुए कहा कि दीपेंद्र हुचारी देश के उन चुनिंदा युवा नेताओं में शामिल हैं, जो 36 बिरादरी, किसानों, मजदूरों और युवाओं के रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार जमीन पर रहकर काम कर रहे हैं।

सतपाल ब्रह्मचारी ने कुलदीप शर्मा के राजनीतिक सफर को लेकर भी कई खुलासे किए हैं। सांसद ने कहा कि कुलदीप शर्मा लोकसभा चुनाव में हार का बड़ा रिकॉर्ड बनाने के बावजूद भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सहयोग से गन्नौर से विधायक बने थे। इसके बाद उन्हें सरकार के अंदर एक बहुत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया कि कुलदीप शर्मा के परिवार का सिख समाज के साथ बहुत पुराना और गहरा जुड़ाव रहा है। उनके परिवार के बुजुर्गों ने हमेशा सिखों के अधिकारों और उनके सम्मान के लिए कड़ा संघर्ष किया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अपने राजनीतिक स्वार्थ के कारण कुलदीप शर्मा आज अपनी इस पुरानी विरासत को पूरी तरह भूलते जा रहे हैं। सांसद ने यह भी दावा किया कि कुलदीप शर्मा को उनके घर से लाकर चुनाव लड़वाया गया था। उन्होंने कहा कि रोहतक, सोनीपत, जींद और करनाल जैसे क्षेत्रों में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सहयोग के बिना कोई भी नेता अपनी राजनीतिक पहचान या चुनावी सफलता हासिल नहीं कर सकता है।

सांसद ब्रह्मचारी ने पुराने मामलों का हवाला देते हुए कुलदीप शर्मा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने वर्ष 2002 में सीबीआई की रिपोर्ट आने के बाद के एक मामले का जिक्र किया। ब्रह्मचारी ने बताया कि वर्ष 2011 में कुलदीप शर्मा ने खुद सज्जन कुमार को अपने एक पारिवारिक समारोह में विशेष तौर पर बुलाया था। उन्होंने यह भी कहा कि उस दौरान सज्जन कुमार को सरकारी आवास पर ठहराया गया था और सार्वजनिक मंच से उनका सम्मान भी किया गया था। सांसद ने अंत में कहा कि जो लोग आज इस दुनिया में इस समय नहीं हैं, उनके नाम पर बयानबाजी करके दीपेंद्र हुड्डा को निशाना बनाना किसी भी तरह से राजनीतिक शिष्टाचार के अनुरूप नहीं कहा जा सकता है।

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