सोनीपत में ढाबा संचालक की गोली मारकर हत्या, परिजनों ने कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर लगाया जाम

सोमवार को सोनीपत से एक बड़ी खबर सामने आई है। रविवार देर रात तेज रफ्तार स्कूटी चलाने से रोकने पर हुए विवाद में ढाबा संचालक नरेंद्र खत्री की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोपी ने नरेंद्र के सीने में गोली मारी। गंभीर हालत में उन्हें नरेला के अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सोमवार सुबह परिजनों ने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कुंडली-सिंघु बॉर्डर के पास जीटी रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया। पुलिस अधिकारियों के समझाने पर करीब आधे घंटे बाद जाम खोल दिया गया। एसीपी ऋषिकांत ने जीटी रोड पर मृतक नरेंद्र के परिवार वालों से बात की और कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर परिवार के सदस्यों ने जाम खोल दिया। पुलिस के अनुसार, 33 वर्षीय नरेंद्र खत्री कुंडली के रहने वाले थे और पिछले करीब दस साल से प्याऊ मनिहारी में मित्रां दा ढाबा चला रहे थे।
विवाद की पूरी जानकारी
पुलिस की शुरुआती जांच और परिजनों के बयानों के आधार पर हत्या की पूरी रात की घटना सामने आई है। करीब छह साल पहले नरेंद्र की शादी हुई थी। परिवार में उनकी पत्नी और दो छोटे बेटे हैं, जिनकी उम्र करीब दो और चार साल है। नरेंद्र अपने भाई के साथ मिलकर ढाबा चलाते थे। परिजनों के मुताबिक, रविवार रात उमाशंकर कॉलोनी स्थित पानी के प्लांट के पास करीब 20-22 युवक बैठे थे और शराब पी रहे थे। इसी दौरान अमन यादव तेज रफ्तार से स्कूटी चलाते हुए वहां पहुंचा। प्लांट की देखरेख करने वाले निखिल ने उसे स्कूटी धीरे चलाने को कहा। इसी बात पर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि अमन और उसके साथ मौजूद युवकों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। विवाद की सूचना मिलने पर ढाबा संचालक नरेंद्र मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास करने लगे। परिजनों का आरोप है कि अमन ने नरेंद्र से भी गाली-गलौज की और विवाद बढ़ने पर पिस्तौल निकालकर उनके सीने में गोली मार दी। गोली लगने के बाद नरेंद्र जमीन पर गिर गए और वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
पुलिस कार्रवाई और राजनीतिक विरोध
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। घटना की सूचना पर कुंडली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर उसका पोस्टमॉर्टम कराया। एसीपी ऋषिकांत ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाया, जिसके बाद जाम को खोला गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश लगातार की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जाम के दौरान प्रदर्शन कर रहे युवकों की भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक भारद्वाज से भी तीखी कहासुनी हो गई। इस पूरी बहस का एक वीडियो भी सामने आया है। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला। परिजनों ने मुख्य आरोपी पर पहले भी गोली चलाने और कई अन्य आपराधिक मामलों में शामिल होने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने प्रशासन से आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी करने और उसकी संपत्ति पर बुलडोजर चलाने की पुरजोर मांग की है।