सोनीपत में दो करोड़ रंगदारी के बाद फायरिंग, पुलिस मुठभेड़ में दो बदमाश काबू और घायल

सोनीपत में दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के बाद खरखौदा में खांडा रोड स्थित कार्यालय पर फायरिंग करने वाले दो युवकों को पुलिस ने बीती रात मुठभेड़ के बाद काबू कर लिया। हरसाना गांव की सीमा में गुरुवार की रात को राष्ट्रीय राजमार्ग-334बी पर हुई मुठभेड़ में दोनों के पैर में गोली लगी है। पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को काबू कर लिया है। घायल होने वाले दोनों आरोपियों की पहचान भटाना निवासी और हाल सोनीपत निवासी अंकित के रूप में तथा लहराड़ा निवासी हर्ष के रूप में हुई है। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में दोनों आरोपियों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरखौदा में भर्ती कराया है।
दीपक के मोबाइल पर आई थी रंगदारी की धमकी भरी कॉल
एसीपी राजपाल सिंह ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि बीती रात खरखौदा के वार्ड नंबर-1 निवासी दीपक के मोबाइल फोन पर एक अनजान कॉल आई थी। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को नंदू के मुकदमे में होना बताया और दीपक से कुल दो करोड़ रुपये की भारी रंगदारी की मांग की। रंगदारी की यह रकम समय पर नहीं देने पर दीपक को बहुत गंभीर परिणाम भुगतने की कड़ी धमकी दी गई थी। इसके बाद आरोपियों की तरफ से एक अगली कॉल भी की गई जिसमें रंगदारी की रकम देने के लिए एक सही जगह बताने की बात कही गई थी। धमकी मिलने के ठीक करीब आधे घंटे बाद ही खांडा रोड स्थित दीपक के कार्यालय पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी गई।
कार्यालय पर हुई फायरिंग और बाइक सवार हमलावर फरार
घटना के समय उस कार्यालय में रहने वाले अजय नाम के व्यक्ति ने तुरंत फोन करके दीपक को इस पूरी फायरिंग की घटना की जानकारी दी थी। अजय ने दीपक को बताया कि बिना नंबर प्लेट की काले रंग की बजाज सिटी-100 बाइक पर लाल रंग की पट्टी लगी हुई थी। इसी संदिग्ध बाइक पर सवार होकर दो युवक मौके पर आए थे और ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर वहां से फरार हो गए थे। पुलिस को मौके पर पहुंचने पर कार्यालय के मुख्य गेट और दीवार पर गोलियों के कई निशान स्पष्ट रूप से मिले हैं। इसके अलावा पुलिस टीम ने घटनास्थल से एक खाली खोल भी पूरी तरह से बरामद कर लिया है। एफएसएल की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर इस वारदात से जुड़े सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं।
पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए दोनों आरोपी और बरामदगी
फायरिंग की इस बड़ी घटना के तुरंत बाद विशेष एंटी गैंगस्टर इकाई ने तुरंत बाइक सवार इन बदमाशों का पीछा करना शुरू कर दिया था। पुलिस ने अपनी लोकेशन और सभी संभावित रास्तों के आधार पर हरसाना गांव की सीमा में राष्ट्रीय राजमार्ग-334बी पर सख्त घेराबंदी कर ली थी। पुलिस के अनुसार जब इन दोनों युवकों को रोकने का कड़ा प्रयास किया गया तो उन्होंने उल्टे पुलिस टीम पर ही फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की तरफ से की गई जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लग गई और उन्हें मौके पर ही काबू कर लिया गया। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के तमाम आला अधिकारी भी तुरंत मौके पर पहुंच गए थे। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से कुल तीन देसी पिस्तौल और इस वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की संदिग्ध बाइक भी बरामद कर ली है। पुलिस अब इन सभी हथियारों और बरामद खाली खोल की बारीकी से जांच करने में जुटी है।
मामले की आगे की जांच और गिरोह की संलिप्तता
पुलिस इस समय आसपास के इलाकों के सभी सीसीटीवी कैमरे खंगालने का काम तेजी से कर रही है ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके। पुलिस मुख्य रूप से यह बड़ी जांच कर रही है कि रंगदारी मांगने वाले इन आरोपियों का वास्तव में किसी बड़े गिरोह से सीधा संबंध है या नहीं। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या इन्होंने केवल इलाके में अपना डर पैदा करने के लिए ही नंदू गिरोह के नाम का गलत इस्तेमाल किया है। पुलिस इन दोनों आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड, आपसी संपर्कों और किसी अन्य बाहरी व्यक्ति की भूमिका की भी गहराई से जांच कर रही है। पुलिस रंगदारी की धमकी देने, कार्यालय पर फायरिंग करने और पुलिस मुठभेड़ की इस पूरी कड़ी को आपस में जोड़कर अपनी आगे की कानूनी कार्रवाई में पूरी तरह जुटी हुई है।