सोनीपत के बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में पकड़ी गई 20 रुपये के नकली सिक्के बनाने की फैक्ट्री, पांच गिरफ्तार

सोनीपत के बड़ी औद्योगिक क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की सहारनपुर पुलिस ने 20 रुपये के नकली सिक्के बनाने वाली एक बड़ी फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। सहारनपुर पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान गिरोह के सरगना समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सोमवार को की गई, जिससे नकली सिक्के बनाने वाले एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है।
फैक्ट्री की क्षमता और सिक्कों की खपत
इस अवैध फैक्ट्री में मशीन और डाई की मदद से रोजाना 10 से 12 हजार नकली सिक्के तैयार करने की क्षमता थी। इन तैयार नकली सिक्कों को छोटे दुकानदारों के अलावा सरकारी शराब ठेकों और टोल टैक्स पर चलाने का आरोप है। आरोपी इन सिक्कों को बाजार में आसानी से खपा रहे थे ताकि किसी को शक न हो।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम और सरगना का इतिहास
सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिनंदन सिंह के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पंजाब निवासी उपकार लूथरा, हिमांशु, कुलदीप, संतोष चौरसिया और अनुराग पाल के रूप में हुई है। पुलिस ने इन सभी पांचों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह का सरगना उपकार लूथरा वर्ष 2001 से सिक्के बनाने के अवैध काम से जुड़ा हुआ है। शुरुआत में वह सुनार का काम करता था और चांदी के सिक्के बनाता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात कुछ ऐसे लोगों से हुई, जिनके संपर्क में आने के बाद उसने नकली सिक्के बनाने का काम शुरू कर दिया। मुनाफा होने पर उसने धीरे-धीरे अपना एक बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया। वह पहले भी जेल जा चुका है। तिहाड़ समेत अन्य जेलों में रहने के दौरान उसकी कुछ अपराधियों से मुलाकात हुई, जो बाद में उसके इस नेटवर्क से जुड़ गए।
बरामदगी और बाजार में खपाए गए नकली सिक्के
पुलिस ने इस फैक्ट्री से भारी मात्रा में अवैध सामान बरामद किया है। पुलिस ने फैक्ट्री से 6,400 नकली सिक्के, करीब पांच लाख रुपये कीमत के अधबने सिक्के, छह मशीन, 64 डाई, फिनिशिंग उपकरण, सात रजिस्टर, चेकबुक, आठ मोबाइल और दो कारें बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार, इन सिक्कों की फिनिशिंग इतनी सफाई से की जाती थी कि पहली नजर में असली और नकली की पहचान करना बेहद मुश्किल होता था। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने यह दावा किया है कि पिछले करीब छह महीने में 70 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के नकली सिक्के बाजार में चलाए गए हैं। पुलिस इस बड़े दावे की अब अलग से जांच कर रही है। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन सिक्कों की आपूर्ति किन-किन लोगों के जरिए अलग-अलग राज्यों में की जाती थी और इस आपराधिक नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
सहारनपुर में नई फैक्ट्री खोलने की थी तैयारी
पुलिस के अनुसार, बाजार में नकली सिक्कों की मांग लगातार बढ़ने के बाद यह गिरोह उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में भी एक और नई फैक्ट्री लगाने की पूरी तैयारी कर रहा था। इस नए काम के लिए जमीन और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की तलाश की जा रही थी। गनीमत यह रही कि नई फैक्ट्री शुरू होने से पहले ही सतर्क पुलिस ने इस गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। अब पुलिस पकड़े गए आरोपियों से लगातार पूछताछ कर रही है और उनके द्वारा बताए गए तथ्यों के आधार पर उत्पादन, आपूर्ति और इन्हें बाजार में खपाने वाले पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।