सोनीपत: हरियाणा खेल विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष संवाद सत्र आयोजित

सोनीपत में हरियाणा खेल विश्वविद्यालय के अंदर विद्यार्थियों की समस्याओं, शिकायतों और सुझावों के समाधान की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए एक विशेष संवाद सत्र का आयोजन शुक्रवार को किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में उपलब्ध शिकायत एवं सुझाव तंत्र के प्रति जागरूकता को बढ़ाना था। कार्यक्रम के दौरान हरियाणा के विद्यार्थी कल्याण समन्वयक नरेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों की सभी समस्याओं को ध्यान से सुना और उन्हें समाधान की पूरी प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी।
विद्यार्थी कल्याण समिति की भूमिका और रोजगार के अवसर
नरेंद्र सिंह ने कार्यक्रम में विद्यार्थी कल्याण समिति की भूमिका, उसकी संरचना और कार्यप्रणाली के बारे में पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह समिति विद्यार्थियों की शैक्षणिक, प्रशासनिक और कल्याण से जुड़ी सभी समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। विद्यार्थियों से यह विशेष आह्वान किया गया कि वे हमेशा निर्धारित माध्यम से ही अपनी शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही उन्हें विश्वविद्यालय में उपलब्ध शिकायत निवारण व्यवस्था का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए भी कहा गया। विद्यार्थियों के लिए रोजगार और अनुभव के अवसर केवल हरियाणा राज्य तक ही सीमित नहीं हैं। वे देश के अन्य विभिन्न हिस्सों में भी जाकर काम कर सकते हैं और अपने कार्य अनुभव को बढ़ा सकते हैं।
कौशल विकास और तीन नए भ्रमण परिपथों की जानकारी
नरेंद्र सिंह ने सभी विद्यार्थियों से सरकारी पहलों का पूरा लाभ उठाकर कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने हरियाणा सरकार की ओर से हाल ही में शुरू किए गए तीन नए भ्रमण परिपथों—थापली, कलेसर और कुरुक्षेत्र के बारे में भी पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन सभी भ्रमण परिपथों का समन्वय विद्यार्थी कल्याण अधिष्ठाता द्वारा किया जाएगा। सरकार की यह विशेष पहल 21 जुलाई से शुरू की गई है। विद्यार्थियों के लिए इस तीन से चार दिन के भ्रमण का कुल शुल्क करीब 1,500 रुपये तय किया गया है। इसके अलावा इन दौरों के लिए आवास शुल्क मात्र 500 रुपये रखा गया है। इन सभी यात्राओं के लिए आवश्यक सभी प्रबंध हरियाणा सरकार की तरफ से ही किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और विद्यार्थियों के सुझाव
नरेंद्र सिंह ने सभी विद्यार्थियों से अपील की कि वे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से भी अपनी शिकायतें और सुझाव दर्ज करा सकते हैं। इस विशेष माध्यम के जरिए भेजी गई शिकायतें सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचती हैं। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए इन सभी शिकायतों का उचित समाधान किया जाता है। उन्होंने इस पूरी व्यवस्था को देश में अपनी तरह का एक पहला अनूठा प्रयोग बताया। संवाद सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी-अपनी विभिन्न समस्याएं और जरूरी सुझाव मंच के सामने रखे। नरेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों के सभी प्रश्नों के स्पष्ट जवाब दिए और समस्याओं के समाधान के व्यावहारिक तरीके भी समझाए।
कार्यक्रम के मुख्य अधिकारी और गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का पूरा समन्वय विद्यार्थी कल्याण अधिष्ठाता प्रो. अशोक शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान कुलसचिव जसविंदर सिंह और अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो. योगेश चंदर मौजूद रहे। इसके अलावा खेल निदेशक संजय सारस्वत, अधिष्ठाता खेल विज्ञान डॉ. जितेंद्र और वरिष्ठ खेल परामर्शदाता प्रो. आर.पी. गर्ग सहित कई अन्य अधिकारी भी वहां उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के इन सभी अधिकारियों ने विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए जरूरी प्रक्रिया पर आपस में चर्चा की। अधिकारियों ने सभी विद्यार्थियों को उनकी समस्याओं पर उचित कार्रवाई करने का पूरा भरोसा और आश्वासन दिया। कुलपति अशोक कुमार ने नरेंद्र सिंह का विद्यार्थियों के साथ इस बेहद उपयोगी संवाद के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में प्रो. अशोक शर्मा ने नरेंद्र सिंह को एक स्मृति-चिह्न भेंट करके सम्मानित किया। इस पूरे आयोजन के दौरान विश्वविद्यालय के शिक्षण एवं प्रशिक्षण कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी पूरी तरह से मौजूद रहे।