सोनीपत के गांव रोहट में घर के अंदर चल रही थी अवैध पटाखा फैक्टरी, भारी मात्रा में विस्फोटक और पटाखे बरामद

सोनीपत के गांव रोहट में रिहायशी इलाके के बीच एक किराये के मकान में बिना लाइसेंस के बम-पटाखे तैयार किए जाने का बड़ा मामला सामने आया है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। संयुक्त टीम ने मकान की पहली मंजिल पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में तैयार सुतली बम, गोला बम, पोटाशियम क्लोराइड और पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की है। मौके से बाबा कालोनी निवासी पवन नाम के व्यक्ति को पुलिस ने पकड़ लिया है। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की शिकायत के आधार पर थाना सदर पुलिस ने विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज करके आगे की जांच शुरू कर दी है।
गुप्त सूचना के आधार पर की गई संयुक्त छापेमारी
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को मंगलवार रात को एक गुप्त सूचना मिली थी। यह सूचना मिली थी कि गांव रोहट में एक व्यक्ति किराये का कमरा लेकर अवैध तरीके से बम-पटाखे तैयार कर रहा है। इस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए उड़नदस्ता और अग्निशमन विभाग की एक संयुक्त टीम बनाई गई। इस संयुक्त टीम में उप अग्निशमन अधिकारी विनोद कुमार, निरीक्षक रोहताश सिंह, सहायक उप निरीक्षक राजेश कुमार और महिला सिपाही सीमा शामिल थीं। यह पूरी टीम तुरंत गांव रोहट में सतीश के मकान पर पहुंची। मकान की पहली मंजिल के कमरे की तलाशी लेने पर वहां पवन मौजूद मिला।
कमरे से भारी मात्रा में बरामद हुए अवैध बम और विस्फोटक
कमरे की गहन जांच के दौरान टीम को वहां से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिली। जांच में पांच हाइड्रो सुतली बम, तीन बड़े सुतली बम, 35 नाल वाले गोला बम और 715 सुतली बम बरामद किए गए। हैरान करने वाली बात यह है कि ये सभी सुतली बम बिना किसी निशान और बिना बत्ती के तैयार किए जा रहे थे। इसके अलावा मौके से 553 अखबार के रोल भी मिले, जिनके अंदर खतरनाक पोटाशियम क्लोराइड भरा हुआ था। कमरे से करीब 20 इंच लंबी और दो सेंटीमीटर चौड़ी लोहे की नाल तथा प्लास्टिक की पन्नी में रखा हुआ अतिरिक्त पोटाशियम क्लोराइड भी बरामद किया गया।
पुलिस ने जब्ती और सीलिंग की कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मौके से बरामद किए गए कुल पोटाशियम क्लोराइड का वजन तीन किलो 750 ग्राम था। इस कुल सामग्री में से 150-150 ग्राम के दो नमूने लेकर उन्हें मौके पर ही सीलबंद किया गया। इसके अलावा बाकी बची हुई तीन किलो 450 ग्राम सामग्री को एक अलग प्लास्टिक के जार में सुरक्षित रखा गया। सभी बम-पटाखों और पोटाशियम क्लोराइड भरे अखबार के रोल को अलग-अलग कट्टों में डाला गया। पुलिस की मोहर लगाकर इन सभी कट्टों को सील किया गया और इस तमाम सामान को पुख्ता सबूत के तौर पर अपने कब्जे में ले लिया गया।
आरोपी नहीं दिखा सका लाइसेंस और सुरक्षा के कोई दस्तावेज
मौके पर पकड़े गए आरोपी पवन ने पूछताछ के दौरान पूरी बात का खुलासा किया। पवन ने पूछताछ में बताया कि उसने यह मकान किराये पर लिया था और वह पहली मंजिल के कमरे में ही बम-पटाखे तैयार कर रहा था। छापेमारी करने वाली टीम ने जब पवन से पटाखे बनाने तथा विस्फोटक सामग्री अपने पास रखने से संबंधित वैध लाइसेंस और अग्निशमन विभाग के दस्तावेज मांगे, तो वह कोई भी कागजात नहीं दिखा सका। इसके अलावा जांच में यह भी पाया गया कि कमरे के अंदर आग से बचाव के लिए सुरक्षा का कोई भी अग्निशमन उपकरण मौजूद नहीं था।
पुलिस कर रही है मामले के अन्य पहलुओं की गहन जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस मामले में अब आगे की बहुत सी बातों का पता लगाया जा रहा है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी पवन आखिर कितने लंबे समय से इस तरह अवैध रूप से पटाखे तैयार कर रहा था। इसके अलावा यह भी खंगाला जा रहा है कि इन तैयार किए जाने वाले बम-पटाखों की आपूर्ति आगे कहां-कहां की जानी थी और इस गैरकानूनी काम में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति शामिल है या नहीं। इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है और पुलिस अपनी आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।