सोनीपत में अवैध निर्माण पर बड़ा एक्शन, बाजीदपुर सबौली में औद्योगिक शेड और कार्यालय ध्वस्त

सोनीपत में अवैध निर्माण पर बड़ा एक्शन, बाजीदपुर सबौली में औद्योगिक शेड और कार्यालय ध्वस्त

सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण (एसएमडीए) ने नियंत्रित क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गांव बाजीदपुर सबौली में करीब आधा एकड़ भूमि पर बने निर्माणाधीन औद्योगिक शेड, कार्यालय और स्टोर को बुधवार को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई एक हाई स्कूल के चारों ओर घोषित नियंत्रित क्षेत्र के भीतर की गई है।

डीसी के निर्देश पर अवैध निर्माणों पर एक्शन

सोनीपत की उपायुक्त नेहा सिंह के निर्देश के बाद एसएमडीए की टीम अवैध कॉलोनियों और अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। अधिकारियों ने इस बात की जानकारी दी है कि अवैध निर्माणों को अब शुरुआती स्तर पर ही हटाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य बिना अनुमति के किए जा रहे निर्माण कार्यों पर पूरी तरह से रोक लगाना है। बुधवार को की गई यह पूरी कार्रवाई नियंत्रित क्षेत्र अधिनियम के निर्धारित प्रावधानों के तहत की गई है।

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प्रशासनिक अमला और पुलिस बल रहा मौजूद

मौके पर कानून और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी प्रशासनिक बल मौजूद रहा। इस कार्रवाई के दौरान जिला नगर योजनाकार, प्रवर्तन स्टाफ, ड्यूटी मजिस्ट्रेट वेद प्रकाश, एसडीओ मुरथल और भारी पुलिस बल मौके पर पूरी तरह से मुस्तैद रहे। प्रशासनिक टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए करीब आधा एकड़ क्षेत्र में फैले निर्माणाधीन औद्योगिक शेड, कार्यालय और स्टोर सहित अन्य सभी अवैध ढांचों को बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया।

भू-माफियाओं से सावधान रहने की अपील

जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) नीलम शर्मा ने जनता को चेतावनी देते हुए कहा है कि एसएमडीए अवैध कॉलोनियों और अवैध निर्माणों के खिलाफ आगे भी अपनी सख्त कार्रवाई इसी प्रकार जारी रखेगा। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी भू-माफिया के बहकावे में बिल्कुल न आएं। भू-माफिया के झांसे में आकर अवैध कॉलोनियों में किसी भी प्रकार के प्लॉट न खरीदें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की अवैध कॉलोनियों में सरकार की ओर से किसी भी प्रकार की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जाती हैं। इससे आम जनता की मेहनत की कमाई बहुत बड़े जोखिम में पड़ सकती है।

निर्माण से पहले अनुमति लेना अनिवार्य

जिला नगर योजनाकार नीलम शर्मा ने यह भी बताया कि नियंत्रित क्षेत्र के अंतर्गत किसी भी प्रकार का नया निर्माण करने से पहले एसएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से लिखित अनुमति लेना कानूनी रूप से अनिवार्य है। यदि कोई भी व्यक्ति बिना किसी पूर्व अनुमति के निर्माण कार्य करता है या अवैध कॉलोनी बकता है, तो नियंत्रित क्षेत्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत ऐसे अवैध निर्माण को तुरंत ध्वस्त कर दिया जाएगा।

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