सोनीपत में पानी की समस्या को लेकर मेयर राजीव जैन ने की महत्वपूर्ण बैठक, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए कच्चे पानी पर चर्चा

सोनीपत में पानी की समस्या को लेकर मेयर राजीव जैन ने की महत्वपूर्ण बैठक, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए कच्चे पानी पर चर्चा

मेयर ने पानी समस्या को लेकर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए कच्चे पानी की उपलब्धता को लेकर की बैठक

अधिकारियों ने पानी के विकल्पों का सर्वे
करवाकर रिपोर्ट तैयार करने का लिया निर्णय 

मेयर की अध्यक्षता में महानगर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की बैठक आयोजित हुई

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रणवीर रोहिल्ला/सोनीपत /9 सितम्बर2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

सोनीपत महानगर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ नगर निगम सोनीपत के मेयर राजीव जैन ने एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह बैठक नगर निगम क्षेत्र के पूर्वी भाग में भविष्य में आने वाली पेयजल समस्या के समाधान के लिए आयोजित की गई थी। गांव देवडु में प्रस्तावित नहर आधारित 50 एमएलडी के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए कच्चे पानी की उपलब्धता को लेकर यह चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता नगर निगम मेयर राजीव जैन ने की।

मेयर कार्यालय में आयोजित इस बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस बैठक में प्राधिकरण के चीफ इंजीनियर राजीव गुप्ता, कार्यकारी अभियंता अलोक कुमार और उपमंडल अभियंता अंकित लोहान शामिल हुए। इसके साथ ही सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता मंजीत हुड्डा तथा कार्यकारी अभियंता नितिन कुमार भी इस बैठक में उपस्थित रहे।

कच्चे पानी की उपलब्धता के विकल्प

बैठक के दौरान प्लांट के लिए कच्चे पानी की उपलब्धता को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें बड़वासनी स्थित पश्चिमी यमुना नहर तथा राजपुरा माइनर से कच्चा पानी उपलब्ध करवाने के बारे में विचार-विमर्श किया गया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने पानी के इन दोनों विकल्पों का सर्वे करवाने का निर्णय लिया है। सर्वे के बाद अधिकारी अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे।

मुख्यमंत्री की बैठक में मिली थी सैद्धांतिक मंजूरी

मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में महानगर विकास प्राधिकरण की बैठक हुई थी। उस बैठक में नहर आधारित पेयजल योजना का प्रस्ताव तैयार करने की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई थी। नगर निगम में शामिल गांवों में भूजल पीने योग्य नहीं है। इसी कारण से नहरी पेयजल उपलब्ध करवाने की मांग जोर-शोर से उठ रही है।

पेयजल परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति

अभी हाल ही में लगभग 23 करोड़ रुपये की लागत से दो रैनीवेल और बनाने की परियोजना मंजूर की गई थी। इस परियोजना का टेंडर भी अलॉट हो चुका है। मेयर राजीव जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि निगम क्षेत्र में अभी तक विभिन्न स्रोतों से कुल 70 एमएलडी पानी उपलब्ध हो रहा है। दो नए रैनीवेल बन जाने के बाद क्षेत्र में 90 एमएलडी पानी उपलब्ध हो जाएगा।

भविष्य की आवश्यकताएं

क्षेत्र में लगातार रिहायशी कॉलोनियां बन रही हैं जिससे आबादी तेजी से बढ़ रही है। इसी बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए भविष्य में लगभग 140 एमएलडी पानी की आवश्यकता रहेगी। इसी भविष्य की जरूरत को पूरा करने के लिए देवडु में नहर आधारित नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

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