सोनीपत जिले के मेहंदीपुर गांव में दो युवकों को खेतों के बीच रस्सियों से बांधकर बैठाया गया है, जबकि आसपास मौजूद कुछ लोग उनसे पूछताछ करते और कथित रूप से मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं।
सोनीपत /19 जून 2026/ अटल हिन्द ब्यूरो /रणवीर सिंह रोहिल्ला
सोनीपत जिले के मेहंदीपुर गांव से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने कानून-व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ दी है। वायरल वीडियो में दो युवकों को खेतों के बीच रस्सियों से बांधकर बैठाया गया है, जबकि आसपास मौजूद कुछ लोग उनसे पूछताछ करते और कथित रूप से मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो में कुछ लोग दोनों युवकों से उनका नाम, पता, गांव और अन्य जानकारी पूछते नजर आते हैं। साथ ही उनसे चोरी से जुड़े सवाल भी किए जा रहे हैं। वीडियो में दोनों युवक हाथ जोड़कर अपनी बात रखते दिखाई देते हैं और स्वयं को बेगुनाह बताते हैं। पूछताछ के दौरान दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगाते भी नजर आते हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दोनों युवक क्षेत्र में किसानों के खेतों से ट्यूबवेल मोटर, बिजली के तार और अन्य सामान चोरी करने की घटनाओं में शामिल थे। ग्रामीणों का दावा है कि लगातार हो रही चोरी की वारदातों से परेशान होकर उन्होंने दोनों को पकड़ लिया था। हालांकि उन्हें तत्काल पुलिस के हवाले करने के बजाय ग्रामीणों ने स्वयं पूछताछ शुरू कर दी।
वायरल वीडियो में दोनों युवकों के हाथ-पैरों में डंडा फंसाकर रस्सियों से बांधा गया दिखाई देता है। कुछ वीडियो क्लिप में उनके साथ मारपीट किए जाने के भी आरोप सामने आए हैं। हालांकि वीडियो में किए जा रहे सभी दावों और आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
गांव मेहंदीपुर के सरपंच रमेश के अनुसार मेहंदीपुर, गढ़ी और बख्तावरपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में खेतों से मोटर, बिजली के तार और अन्य कृषि उपकरण चोरी होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उनका दावा है कि क्षेत्र में अब तक बड़ी संख्या में चोरी की वारदातें हो चुकी हैं, जिससे किसान वर्ग में नाराजगी और चिंता का माहौल है।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि पकड़े गए युवक चोरी की गई मोटरों को बेचने का प्रयास कर रहे थे। वहीं कुछ स्थानीय लोगों ने दोनों युवकों के नशे की लत से जुड़े आरोप भी लगाए हैं। हालांकि इन सभी दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सरपंच के मुताबिक वायरल वीडियो हाल का नहीं बल्कि करीब 18 से 20 दिन पुराना बताया जा रहा है। उधर मुरथल थाना पुलिस का कहना है कि मामले में अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर तथ्यों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
घटना के वीडियो के वायरल होने के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि किसी भी व्यक्ति पर अपराध का संदेह होने की स्थिति में कानूनी प्रक्रिया अपनाने के बजाय कानून को अपने हाथ में लेना कितना उचित है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी आरोपी के दोषी या निर्दोष होने का फैसला केवल जांच एजेंसियां और न्यायालय ही कर सकते हैं। ऐसे मामलों में कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।


