सोनीपत: नेशनल कुराश चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेताओं का प्रताप स्कूल में हुआ भव्य स्वागत

सोनीपत के प्रताप स्कूल खरखौदा के खिलाड़ियों ने पंजाब के लुधियाना में आयोजित नेशनल सब-जूनियर कुराश चैंपियनशिप 2026-27 में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इस प्रतियोगिता में प्रताप स्कूल के खिलाड़ियों ने दो स्वर्ण पदक जीतकर विद्यालय और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। प्रतियोगिता में प्रताप स्कूल के छात्र विश्वजीत मलिक ने 60 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं दूसरे छात्र मंदीप मलिक ने प्लस 60 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
विद्यालय पहुंचने पर हुआ शानदार स्वागत
चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के बाद दोनों विजेता खिलाड़ियों का प्रताप स्कूल खरखौदा पहुंचने पर विद्यालय प्रांगण में सोमवार को भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान विद्यालय की प्राचार्या दया दहिया ने सभी खिलाड़ियों को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्रताप स्कूल में विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ खेलों के लिए भी हमेशा बेहतर सुविधाएं और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाता है। प्राचार्या ने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनका हौसला बढ़ाया।
खिलाड़ियों की निरंतर मेहनत का परिणाम
विद्यालय के एकेडमिक डायरेक्टर डॉ. सुबोध दहिया ने जानकारी देते हुए बताया कि विश्वजीत मलिक इससे पहले भी तीन बार नेशनल स्तर पर पदक प्राप्त कर चुके हैं। वहीं मंदीप मलिक भी एक बार नेशनल स्तर पर पदक जीत चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह दोनों खिलाड़ियों की निरंतर मेहनत, अनुशासन और उनके प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन का ही परिणाम है कि उन्होंने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर विद्यालय का गौरव बढ़ाया है।
गणमान्य लोगों ने दी बधाई और शुभकामनाएं
इस अवसर पर द्रोणाचार्य अवार्डी एवं स्पोर्ट्स डायरेक्टर ओमप्रकाश दहिया, संस्थापक सतप्रकाश नम्बरदार, कुराश कोच रोहित दहिया और मोहित पंवार ने सभी खिलाड़ियों का स्वागत किया। इन सभी ने खिलाड़ियों को उनकी इस शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, प्रताप स्कूल के खिलाड़ियों ने अब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 263 और राष्ट्रीय स्तर पर 2123 पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। सभी खिलाड़ियों ने अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय अपनी कठोर मेहनत, विद्यालय प्रबंधन समिति और अपने माता-पिता को दिया है।