सोनीपत: छात्र निशांत की संदिग्ध मौत की जांच क्राइम ब्रांच से कराने की मांग, मुख्यमंत्री से मिले परिजन

सोनीपत के राई स्थित स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी ऑफ हरियाणा के स्विमिंग पूल में 21 मई को छात्र निशांत गौतम की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। इस मामले में परिजनों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की है। परिजनों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस पूरी घटना की जांच हरियाणा पुलिस की क्राइम ब्रांच से कराई जाए।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और देरी से एफआईआर पर सवाल
परिजनों का कहना है कि पुलिस इस मौत को महज एक हादसा मानकर जांच को आगे बढ़ा रही है। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट और दिमाग में रक्तस्राव की बात सामने आई है। परिजनों ने मुख्यमंत्री को दिए शिकायत पत्र में बताया कि निशांत की मौत 21 मई 2026 को हुई थी। लेकिन पुलिस थाना राई में इसकी प्राथमिकी 18 जून को दर्ज की गई। परिवार का कहना है कि घटना के 28 दिन बाद प्राथमिकी दर्ज होने से इस दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्यों के प्रभावित होने की पूरी आशंका है। इसी मुख्य आधार पर परिवार ने स्थानीय पुलिस के बजाय क्राइम ब्रांच से जांच कराने की मांग की है।
चोटों के निशान और गायब सीसीटीवी-डीवीआर
परिजनों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर 6.5 सेंटीमीटर गुणा 6 सेंटीमीटर का सबगेलियल हेमेटोमा दर्ज है। इसके अलावा दिमाग के फ्रंटल लोब के ऊपर सब-अरैक्नॉयड हेमरेज भी दर्ज है। परिवार का साफ कहना है कि ये सभी चोटें मौत की परिस्थितियों पर बड़े सवाल खड़े करती हैं। मौत का कारण अभी तक निर्णायक रूप से तय नहीं हो पाया है। एफएसएल, डायटम टेस्ट तथा हिस्टोपैथोलॉजी की रिपोर्ट अभी लंबित हैं। परिवार ने अपनी शिकायत में यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय परिसर का सीसीटीवी-डीवीआर गायब है। उनका कहना है कि इस डीवीआर में उस रात की सभी महत्वपूर्ण जानकारी मौजूद हो सकती थी। परिजनों ने इस बात की भी उच्च स्तर पर जांच कराने की मांग की है।
पुलिस की स्पेशल इंक्वायरी टीम की कार्रवाई और सीएम का निर्देश
परिजनों का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट आने से पहले ही पुलिस की स्पेशल इंक्वायरी टीम ने इस मौत को प्रथम दृष्टया हादसा मान लिया है। इससे जांच की दिशा को लेकर परिवार की चिंता और भी ज्यादा बढ़ गई है। परिवार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि उनका उद्देश्य किसी भी पुलिस अधिकारी की नीयत पर सवाल उठाना नहीं है। उनका एकमात्र उद्देश्य निशांत की मौत की वास्तविक वजह को सबके सामने लाना है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सभी परिजनों की बात सुनकर उन्हें पूरा आश्वासन दिया है और तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। अब पीड़ित परिवार को पूरी उम्मीद है कि इस मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होगी। जिससे निशांत की मौत से जुड़े सभी सवालों के सही जवाब सामने आ सकेंगे।