सोनीपत में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर हुआ व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित

सोनीपत में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर हुआ व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित

सोनीपत में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर एक विशेष व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राई स्थित स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी ऑफ हरियाणा में बुधवार को आयोजित किया गया था। हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के कार्यकारी उपाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। विश्वविद्यालय के कुलपति अशोक कुमार ने पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न भेंट करके उनका स्वागत किया।

विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और भयावह परिस्थितियां

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प्रोफेसर अग्निहोत्री ने वर्ष 1947 में हुए भारत विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर विस्तार से बात की। उन्होंने उस समय आम लोगों को झेलनी पड़ी भयावह परिस्थितियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विभाजन के कारण लाखों लोगों को अपने घर, जमीन और आजीविका छोड़कर विस्थापित होना पड़ा। हिंसा, परिवारों के बिछड़ने और अपनों को खोने की पीड़ा ने उस दौर को भारतीय इतिहास के सबसे त्रासद अध्यायों में शामिल कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस केवल अतीत की त्रासदी को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह इतिहास से सीख लेने का दिन भी है। इसका उद्देश्य कटुता बढ़ाना नहीं है, बल्कि ऐसी परिस्थितियों को समझकर भविष्य में मानवीय त्रासदी की पुनरावृत्ति को रोकना है। यह दिवस शांति, मानवता, आपसी सम्मान, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का संदेश देता है।

कुलपति अशोक कुमार का संदेश और कार्यक्रम की उपस्थिति

कुलपति अशोक कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि विभाजन का इतिहास देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रेरणा देता है। युवा पीढ़ी को इतिहास समझकर शांति, भाईचारे, सहिष्णुता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी केवल शिक्षा देना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। इस पूरे कार्यक्रम का मंच संचालन डॉक्टर संदीप कुमार द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा और इस दिवस की ऐतिहासिक तथा समकालीन प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। इस दौरान प्रोफेसर योगेश चंदर, प्रोफेसर अशोक कुमार, डॉक्टर जितेंद्र, डॉक्टर विवेक सहित सभी शिक्षक, गैर-शिक्षण कर्मचारी, प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सभी लोगों ने विभाजन में अपनी जान गंवाने वाले लोगों तथा विस्थापन और हिंसा की पीड़ा झेलने वाले परिवारों को श्रद्धापूर्वक याद किया

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