सोनीपत के प्रताप स्कूल में राज्य स्तरीय विद्यालय कुश्ती प्रतियोगिता का हुआ शानदार शुभारंभ

सोनीपत के खरखौदा स्थित प्रताप स्कूल में राज्य स्तरीय विद्यालय कुश्ती प्रतियोगिता का मंगलवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। इस प्रतियोगिता में प्रदेशभर से आए पहलवान विभिन्न भार वर्गों में अपना दमखम दिखा रहे हैं। शुभारंभ के इस विशेष अवसर पर द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित और विद्यालय के खेल निदेशक ओमप्रकाश दहिया, प्राचार्या श्रीमति दया दहिया तथा शैक्षणिक निदेशक डॉ. सुबोध दहिया ने पहलवानों की बाउट करवाकर इस प्रतियोगिता की शुरुआत कराई।
ओमप्रकाश दहिया ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह
द्रोणाचार्य अवार्डी ओमप्रकाश दहिया ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए अपने संबोधन में कहा कि हरियाणा की कुश्ती का देश और दुनिया में एक अलग स्थान है। प्रदेश के सभी पहलवानों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक हासिल करके देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है। उन्होंने आगे कहा कि खेल खेलने से केवल पदक ही नहीं मिलते हैं, बल्कि इसके माध्यम से जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास, मेहनत और संघर्ष की भावना भी बेहद मजबूत होती है। सभी खिलाड़ियों को जीत और हार की चिंता बिल्कुल नहीं छोड़नी चाहिए बल्कि पूरी मेहनत और पूरी ईमानदारी के साथ अपना बेहतरीन प्रदर्शन करना चाहिए। निरंतर अभ्यास करने से और बेहतर तकनीक अपनाने से ही कोई भी खिलाड़ी अपने जीवन में ऊंचे मुकाम तक पहुंच सकता है।
डॉ. सुबोध दहिया ने खेल और पढ़ाई के महत्व पर की बात
शैक्षणिक निदेशक डॉ. सुबोध दहिया ने इस अवसर पर कहा कि केवल पढ़ाई ही नहीं बल्कि खेल भी किसी भी विद्यार्थी के सर्वांगिण विकास के लिए बेहद जरूरी होते हैं। कुश्ती खेलने से खिलाड़ियों को शारीरिक मजबूती के साथ-साथ मानसिक दृढ़ता भी मिलती है और सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता भी बढ़ती है। इस तरह की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के माध्यम से सभी खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतरीन मौका मिलता है और साथ ही मजबूत मुकाबलों का अनुभव भी प्राप्त होता है। उन्होंने राज्यभर से आए सभी पहलवानों से यह आह्वान किया कि वे पूरी खेल भावना के साथ अपने मुकाबले खेलें और अपने प्रदर्शन में लगातार सुधार करते रहें। प्रतियोगिता के दौरान अलग-अलग भार वर्गों के मुकाबलों में पहलवानों ने बेहद शानदार दांव-पेंच दिखाए और वहां मौजूद दर्शकों का दिल जीत लिया।
प्रतिष्ठित खेल हस्तियों की रही विशेष उपस्थिति
इन सभी रोमांचक मुकाबलों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग वहां मौजूद रहे और उन्होंने सभी खिलाड़ियों का जमकर उत्साह बढ़ाया। इस बड़े आयोजन के दौरान द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता महाबीर, दयानंद कलकल, सहायक खंड शिक्षा अधिकारी तथा जितेंद्र खत्री, राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता राजेंद्र पहलवान, विश्व सैन्य खेलों के स्वर्ण पदक विजेता कैप्टन अनिल, रेलवे के विक्रम सांगवान, डॉ. रविंद्र मलिक, सोमबीर आर्य, कुश्ती प्रशिक्षक जगमोहन, मंजीत, अनिकेत, संदीप, प्रदीप, संतोष, अंकित मलिक, सुभाष मोर, सुनील लाकड़ा और प्रदीप राठी सहित कई गणमान्य लोग विशेष रूप से शामिल रहे।