सोनीपत में निजी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण अनिवार्य, जानिए पूरी प्रक्रिया और नियम

सोनीपत में जिला प्रशासन की तरफ से एक बड़ा फैसला लिया गया है। जिले में संचालित सभी निजी कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। हरियाणा सरकार ने निजी कोचिंग संस्थानों के संचालन को व्यवस्थित, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए नए नियम अधिसूचित किए हैं। यह सभी प्रावधान हरियाणा प्राइवेट कोचिंग इंस्टीट्यूट्स रूल्स, 2026 के तहत लागू होंगे।
अतिरिक्त उपायुक्त अजय चोपड़ा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिले में चल रहे सभी कोचिंग सेंटरों की जानकारी जुटाकर उनका पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अतिरिक्त उपायुक्त ने सोमवार को इस बारे में जानकारी दी। जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया को इस कार्य के लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है। वे संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर पंजीकरण प्रक्रिया की पूरी निगरानी करेंगे।
पंजीकरण की प्रक्रिया और शुल्क
मौजूदा और नए सभी कोचिंग संस्थानों को इसके लिए आवेदन करना होगा। आवेदन निर्धारित पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन करना होगा। पंजीकरण के लिए 10 हजार रुपये का शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा। विभाग द्वारा जांच के बाद पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी किया जाएगा। इस प्रमाण-पत्र की वैधता तीन साल की होगी। प्रमाण-पत्र की समाप्ति से कम से कम एक माह पहले नवीनीकरण के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए पांच हजार रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है।
जरूरी जानकारियां और सुविधाएं
आवेदन के साथ संस्थानों को कुछ खास विवरण देने होंगे। संस्थान को पाठ्यक्रम, उसकी अवधि और फीस की जानकारी देनी होगी। इसके अलावा प्रत्येक बैच में विद्यार्थियों की अधिकतम संख्या और कक्षाओं की क्षमता बतानी होगी। शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता व उनका विवरण भी देना अनिवार्य है। संस्थान में उपलब्ध सभी प्रकार की सुविधाओं की जानकारी भी आवेदन के साथ देनी होगी।
नियमों के तहत जरूरी सुविधाएं
नए नियमों के तहत कोचिंग सेंटरों में कई बुनियादी सुविधाएं होनी चाहिए। संस्थान में पर्याप्त प्रकाश और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था होनी जरूरी है। छात्र-छात्राओं के लिए अलग से शौचालय होना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा अग्नि सुरक्षा, प्राथमिक उपचार, पार्किंग और पुस्तकालय या रीडिंग रूम जैसी सुविधाएं जरूरी हैं। भवन के स्वामित्व या किराये की पूरी जानकारी देनी होगी। इसके साथ ही फायर सेफ्टी और स्ट्रक्चरल सेफ्टी के प्रमाण-पत्र भी देने होंगे।
प्रशासन की अपील और बैठक
अजय चोपड़ा ने कोचिंग सेंटर संचालकों से एक खास अपील की है। उन्होंने सभी संचालकों से समय पर पंजीकरण कराने और नियमों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इन नियमों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की सुरक्षा, पारदर्शिता और बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना है। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया और रेंजर फॉरेस्ट ऑफिसर नरेश कुमार सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।