सोनीपत में 11 वर्षीय छात्र की मौत पर मानवाधिकार आयोग सख्त, मांगी रिपोर्ट और दिए सुरक्षा जांच के निर्देश

हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने जर्जर स्कूलों पर कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने प्रदेशभर में राजकीय स्कूलों की सुरक्षा जांच के निर्देश दिए हैं। आयोग ने शिक्षा विभाग से स्कूलों में सुरक्षा उपायों की रिपोर्ट तलब की है। इस मामले की आगामी सुनवाई एक अक्टूबर को होगी।
सोनीपत के स्कूल में हुआ था हादसा
यह घटना 6 अगस्त को सोनीपत जिले के गन्नौर उपमंडल स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला गढ़ी बिलिंदा में हुई थी। स्कूल के मुख्य प्रवेश द्वार का एक हिस्सा नीचे गिर गया था। इसकी चपेट में आने से 11 वर्षीय यश कुमार मलबे के नीचे दब गया था।
अस्पताल में हुई थी छात्र की मौत
घायल छात्र को पहले गन्नौर अस्पताल में ले जाया गया था। इसके बाद उसे भगत फूल सिंह राजकीय महिला महाविद्यालय में दाखिल कराया गया था। उपचार के दौरान अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। इस दुर्घटना में स्कूल का चौकीदार भी चोटिल हुआ था।
आयोग ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
बच्चे की मौत के मामले पर हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने इस घटना को बहुत गंभीर माना है। साथ ही जिम्मेदारी तय करने के निर्देश भी दिए हैं।
सरकारी स्कूलों के भवनों का होगा आकलन
आयोग ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों के भवनों की सुरक्षा का व्यापक आकलन कराने को कहा है। इसमें प्रवेश द्वारों, चारदीवारियों और अन्य ढांचागत व्यवस्थाएं शामिल हैं। रिपोर्टों के अनुसार, घटना के समय चौकीदार मुख्य गेट के ऊपर उगी घास और बेलों को हटाने का प्रयास कर रहा था।
ढह गई थी ईंटों की संरचना
घास और बेलों को खींचे जाने के दौरान गेट और पिलर से जुड़ी ईंटों की संरचना ढह गई थी। आयोग ने स्कूल की कथित जर्जर स्थिति का भी संज्ञान लिया है। रिपोर्टों में दीवारों में दरारें और छत से पानी के रिसाव का उल्लेख किया गया है।
ग्राम पंचायत ने की थी पत्राचार
यह बात भी सामने आई है कि स्कूल की मरम्मत और सुरक्षा को लेकर पहले चिंता जताई गई थी। ग्राम पंचायत की ओर से संबंधित अधिकारियों को पत्राचार किया गया था। आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि असुरक्षित भवनों की पहचान कर केवल रिपोर्ट तैयार करना पर्याप्त नहीं है।
मांगी गई अन्य जानकारियां
कमियों को दूर करने के लिए समयबद्ध और ठोस कार्रवाई जरूरी है। आयोग ने स्कूल की सुरक्षा स्थिति और पूर्व निरीक्षण की जानकारी मांगी है। इसके अलावा मरम्मत कार्यों, पुलिस जांच, लापरवाही और मुआवजे से जुड़ी जानकारियां भी मांगी गई हैं।