सोनीपत में विक्की हत्याकांड का खुलासा: दोस्तों ने ही हरिद्वार से लौटने के बाद गला काटकर पुलिया में फेंका था शव

सोनीपत में करीब 40 दिन पहले लापता हुए युवक विक्की हत्याकांड का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। सोनीपत के एसीपी राजपाल ने बुधवार को इस मर्डर मिस्ट्री से पर्दा उठाया। पुलिस जांच में सामने आया है कि विक्की की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके अपने ही दो दोस्तों ने की थी। हरिद्वार घूमने के दौरान पैसे चोरी होने के शक में इस वारदात को अंजाम दिया गया था। आरोपियों ने गला काटकर विक्की के शव को पानीपत बाईपास के पास पुलिया के नीचे फेंक दिया था।
इंदिरा गढ़ी निवासी संजय ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उनका भतीजा विक्की बीते 1 अगस्त को अपने दो दोस्तों विक्रम और प्रीतम के साथ हरिद्वार घूमने गया था। हरिद्वार से लौटने के बाद दोनों आरोपी विक्की को दोबारा घर से अपने साथ बुलाकर ले गए थे। इसके बाद विक्की वापस अपने घर नहीं लौटा। परिजनों ने जब विक्की की तलाश की और उसके मोबाइल फोन पर संपर्क करने की कोशिश की तो उसका फोन बंद मिला। परिजनों की इस शिकायत के बाद पुलिस ने गंभीरता से मामले की जांच शुरू की और दोनों दोस्तों पर शक गहराया।
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई कि हरिद्वार घूमने के दौरान प्रीतम के 18 हजार रुपये गुम हो गए थे। प्रीतम को यह शक था कि उसके ये रुपये विक्की ने ही चोरी किए हैं। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। आरोपियों ने विक्की की हत्या करने की पूरी योजना बनाई और मात्र 10 रुपये में एक चाकू खरीदा था। इसके बाद वे विक्की को अपने साथ ले गए और चाकू से उसका गला काट दिया।
हत्या के बाद आरोपियों ने विक्की के शव को पानीपत बाईपास के पास गोहाना में पुलिया के नीचे फेंक दिया था। लंबे समय तक शव पानी में और खुले में पड़े रहने के कारण वह पूरी तरह कंकाल में बदल चुका था। एसीपी राजपाल ने बताया कि शव की हालत इतनी खराब थी कि उसकी पहचान करना बेहद मुश्किल हो रहा था। शव को खानपुर कलां स्थित बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अपनी आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच को बढ़ाएगी।
विक्की के छोटे भाई अक्षय के अनुसार दोनों आरोपियों ने दो या तीन अगस्त के आसपास ही विक्की की हत्या कर दी थी। शव के ऊपरी हिस्से से मिले पहचान पत्र के आधार पर मृतक की पहचान संभव हो पाई है। करीब 35 वर्षीय विक्की पेशे से ड्राइविंग का काम करता था। पुलिस ने रूखी गांव और भटगांव निवासी दोनों आरोपी विक्रम तथा प्रीतम को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करके रिमांड पर लेगी ताकि हत्या की पूरी साजिश और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की गहराई से पूछताछ की जा सके।