टोहाना में राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता: सांसद सुभाष बराला ने कहा- राष्ट्रभक्ति और संस्कार मजबूत करती हैं ऐसी प्रतियोगिताएं

टोहाना में राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता: सांसद सुभाष बराला ने कहा- राष्ट्रभक्ति और संस्कार मजबूत करती हैं ऐसी प्रतियोगिताएं

समूहगान प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति और संस्कारों को करती हैं मजबूत: सुभाष बराला

-भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता में राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने बतौरमुख्य अतिथि की शिरकत

टोहाना/ 23 अगस्त 2026 / अटल हिन्द ब्यूरो

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टोहाना में भारत विकास परिषद शाखा द्वारा राष्ट्रीय समूहगान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। उन्होंने इस अवसर पर प्रतिभागी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। सांसद ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करती हैं। इसके साथ ही यह राष्ट्रीय एकता और संस्कारों को भी बढ़ावा देती हैं। भारतीय संस्कृति के प्रति गौरव की भावना को मजबूत करने का यह एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

समूहगान गतिविधियों के लाभ

सांसद सुभाष बराला ने अपने संबोधन में कहा कि समूहगान जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों की प्रतिभा को एक बेहतरीन मंच प्रदान करती हैं। इन गतिविधियों से विद्यार्थियों में अनुशासन की भावना विकसित होती है। इसके अलावा बच्चों में आत्मविश्वास और टीम भावना भी मजबूत होती है। राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को भी इन आयोजनों के जरिए बढ़ावा मिलता है। राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत गीतों के माध्यम से नई पीढ़ी को देश से जुड़ने का मौका मिलता है। युवा पीढ़ी को देश की महान सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय मूल्यों से जुड़ने का अवसर इन आयोजनों के माध्यम से प्राप्त होता है।

भारत विकास परिषद के प्रयास

उन्होंने आगे कहा कि भारत विकास परिषद द्वारा युवा पीढ़ी के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। युवा पीढ़ी में राष्ट्र निर्माण की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए परिषद के कार्य अत्यंत सराहनीय हैं। परिषद द्वारा सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को जोड़ा जा रहा है। सांस्कृतिक गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को संस्कार और सेवा का पाठ पढ़ाया जाता है। राष्ट्रभक्ति से जोड़ने का यह कार्य बहुत ही सराहनीय है। ऐसे आयोजनों से बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। इसके साथ ही उन्हें भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय मूल्यों को करीब से समझने का मौका भी मिलता है।

देशभक्तिपूर्ण प्रस्तुतियां

प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभावान विद्यार्थियों ने देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत समूहगान की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों ने वहां के पूरे वातावरण को पूरी तरह से भाव-विभोर कर दिया। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ अपनी प्रस्तुतियां मंच पर रखीं। उनके प्रदर्शन में पूरा आत्मविश्वास साफ तौर पर झलकता हुआ दिखाई दिया। उनकी प्रस्तुतियों में देश के प्रति प्रेम और एकता की भावना स्पष्ट रूप से नजर आई। भारतीय संस्कृति के प्रति गहरा लगाव भी उनकी प्रस्तुतियों में साफ दिखाई दे रहा था। विद्यार्थियों की इस शानदार प्रतिभा और प्रस्तुति ने उपस्थित सभी अतिथियों और दर्शकों को बहुत अधिक प्रभावित किया।

विकसित राष्ट्र के निर्माण में युवाओं की भूमिका

सांसद सुभाष बराला ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए यह बात विशेष रूप से कही कि देश का भविष्य आज के विद्यार्थी ही हैं। यदि युवा पीढ़ी को शिक्षा के साथ-साथ सही संस्कार दिए जाएं। यदि उन्हें राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी का सही पाठ पढ़ाया जाए। तो निश्चित रूप से एक बहुत मजबूत और विकसित राष्ट्र का निर्माण संभव हो सकेगा। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों को अपनी ओर से शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने सभी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की पूरी कामना की।

सशक्त और संस्कारित भारत का निर्माण

उन्होंने अंत में कहा कि भारत विकास परिषद और इस आयोजन से जुड़े सभी पदाधिकारी सराहनीय कार्य कर रहे हैं। सभी कार्यकर्ताओं का यह प्रयास निश्चित रूप से एक सशक्त भारत के निर्माण में सहायक होगा। इससे एक संस्कारित और राष्ट्रनिष्ठ भारत के निर्माण में बहुत महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। इस प्रकार के आयोजन लगातार होते रहने चाहिए ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो सकें। इससे विद्यार्थी अपनी प्रतिभा को निखारने के साथ देश और समाज के प्रति अपने दायित्वों को अच्छी तरह समझ सकें।

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