शहीद सैनिक सुखचैन सिंह पंचतत्व में विलीन, राजकीय सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई

जम्मू कश्मीर में वीरगति को प्राप्त हुए सैनिक सुखचैन सिंह शनिवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। सिरसा जिले के गांव कुत्ताबढ़ निवासी सुखचैन सिंह का पार्थिव शरीर शनिवार को पैतृक गांव लाया गया। इस दौरान गांव और आसपास के सैंकड़ों नागरिकों तथा गणमान्यों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नमन किया।
प्रशासन और सेना की ओर से दी गई अंतिम सलामी
प्रशासन की ओर से रानियां तहसीलदार शुभम शर्मा ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। सैनिक सुखचैन सिंह को सेना और पुलिस की ओर से राजकीय सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। सैनिक सुखचैन सिंह का पार्थिव शरीर गांव पहुंचने से पहले रास्ते में भंभूर, मंगाला, मल्लेकां और माधोसिंघाना सहित अनेक स्थानों पर नागरिक वीर सपूत को श्रद्धांजलि देने के लिए सड़क किनारे खड़े मिले।
लोगों ने लगाए अमर रहे के नारे
नागरिकों ने सड़क किनारे खड़े होकर शहीद सुखचैन सिंह अमर रहे के नारे लगाए। गांव कुत्ताबढ़ पहुंचने पर सैनिक सुखचैन सिंह के पार्थिव शरीर को पहले घर ले जाया गया। जहां पर परिजनों और ग्रामीणों ने उनके अंतिम दर्शन किए।
सैन्य अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि
सेना की ओर से कर्नल ओपी सुमेरा, कर्नल इंद्रसिंह, सूबेदार नरेंद्र सिंह और सूबेदार मनजिंद्र सिंह ने श्रद्धांजलि दी। जिला सैनिक कल्याण बोर्ड की ओर से लालचंद ने श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं ऐलनाबाद विधायक भरत सिंह बैनीवाल, संत ब्रह्मदास, संत हरिनामदास, भाजपा नेता जगदीश चोपड़ा, जिला अध्यक्ष यतिंद्र सिंह एडवोकेट, सरपंच बेअंत सिंह संधू, अमीरचंद मेहता और ललित मोहन पोपली ने भी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान एएसपी आदर्शदीप सिंह और डीएसपी सुभाष चंद्र भी उपस्थित रहे।
साल 2015 में सेना में हुए थे भर्ती
सैनिक सुखचैन सिंह साल 2015 में सेना में भर्ती हुए थे। करीब 11 वर्षों की सेवा के दौरान उन्होंने देश की रक्षा को कर्तव्य माना। इसी कर्तव्य का निर्वहन करते हुए उन्होंने अपना बलिदान दिया।
10 दिन की छुट्टी पर घर आने वाले थे सैनिक
परिजनों के अनुसार सैनिक सुखचैन सिंह को 10 दिन की छुट्टी पर घर आना था। उनके पुत्र आकाशदीप का जन्मदिन एक अक्टूबर को है और इसी सिलसिले में परिवार उनके घर लौटने की प्रतीक्षा कर रहा था। सैनिक सुखचैन सिंह के परिवार में पत्नी निर्मल कौर, माता अमरकौर, भाई सर्वजीत सिंह तथा पुत्र आकाशदीप हैं।