अध्यापक दिवस विशेष: हौसलों के दम पर शिक्षा जगत में खास पहचान बनाने वाली सुमन सलूजा की संघर्ष भरी कहानी

अध्यापक दिवस विशेष: हौसलों के दम पर शिक्षा जगत में खास पहचान बनाने वाली सुमन सलूजा की संघर्ष भरी कहानी

हौंसलो के दम पर बनी शिक्षा जगत की पहचान सुमन सलूजा

राजेश सलूजा/बरवाला /05 सितंबर  2026/अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स

अध्यापक दिवस पर विशेष उपलब्धि की कहानी के तहत हौंसलों के दम पर शिक्षा जगत में अपनी पहचान बनाने वाली सुमन सलूजा बरवाला की रहने वाली हैं। सुमन सलूजा शिक्षा विभाग में कार्यरत हिंदी प्रवक्ता होने के साथ-साथ संघर्ष की एक जीवंत मिसाल हैं। उनके जीवन में संघर्ष की कहानी तब से शुरू हो जाती है जब 12 साल की अवस्था में एक सड़क दुर्घटना में उनके पिता का देहांत हो जाता है। उनकी माताजी अनपढ़ और लकवाग्रस्त हैं। चार भाई-बहनों में सुमन सबसे बड़ी हैं और वह 100% दिव्यांग लड़की हैं।

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महंगाई के इस दौर में पूरे परिवार की जिम्मेदारी उनके नाजुक कंधों पर आ गई थी। बचपन से इन्होंने अनेक छोटे-छोटे काम करते हुए अपने भाई-बहनों को संभाला और अपनी पढ़ाई को भी जारी रखा। आज के वर्तमान समय में वह राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नहर कोठी बरवाला, जिला हिसार, हरियाणा प्रांत में हिंदी प्रवक्ता کے पद पर अपनी सेवाएं दे रही हैं। इसके साथ-साथ सुमन एक समाजसेवी और एक बेहतरीन कवयित्री भी हैं।

सुमन सलूजा की प्रमुख उपलब्धियां

शैक्षणिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में सुमन का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है। पिछले 15 वर्षों से उनकी कक्षा का परीक्षा परिणाम 100 प्रतिशत रहा है और अन्य वर्षों में भी उनका परिणाम उत्कृष्ट रहा है। इसके अलावा वह जिला एवं खंड स्तर के सभी राजकीय कार्यक्रमों में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाती हैं। हिंदी दिवस के अवसर पर उनके विशेष प्रयासों के कारण DIET मात्रश्याम में उनके विद्यालय ने हिंदी दिवस पर प्रथम स्थान प्राप्त किया था।

उन्होंने हिंदी विषय के साथ-साथ संगीत विषय भी पढ़ाया है और संगीत का परीक्षा परिणाम भी 100 प्रतिशत ही रहा है। वह सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी पूरी तरह सक्रिय रूप से भाग लेती हैं। पर्यावरण, मतदाता जागरूकता, एड्स दिवस, NSS, रोल मॉडल, ट्विनिंग, मातृत्व दिवस, गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस सहित विभिन्न कार्यक्रमों में उनका सक्रिय योगदान रहता है।

सम्मान और साहित्यिक कार्य

श्रेष्ठ महिला कर्मचारी सम्मान के तहत 8 मार्च 2024 को महामहिम राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय द्वारा उन्हें हरियाणा सरकार के श्रेष्ठ महिला कर्मचारी सम्मान से सम्मानित किया गया था। उत्कृष्ट कार्यों के लिए उन्हें मुख्यमंत्री, राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, शिक्षा मंत्री, महिला एवं बाल विकास मंत्री, विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा अनेक बार सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिवस पर उन्हें जिला स्तर पर सुशासन अवार्ड 2025 से भी सम्मानित किया गया।

साहित्यिक उपलब्धि के रूप में उन्होंने ‘हौसलों की उड़ान’ नामक पुस्तक का लेखन किया है। इस पुस्तक में मित्रता और दोस्तों पर आधारित प्रेरणादायक कविताओं का सुंदर संकलन किया गया है।

मतदाता जागरूकता में विशेष योगदान

मतदाता जागरूकता के क्षेत्र में सुमन सलूजा का योगदान बहुत बड़ा है। वह 18 वर्ष की आयु के बाद से प्रत्येक लोकसभा और विधानसभा चुनाव में नियमित रूप से मतदान करती आ रही हैं। वह नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से आम लोगों को मतदान करने के लिए प्रेरित करती हैं। वह स्वयं अपनी स्कूटी से मतदाताओं को मतदान केंद्र तक ले जाकर मतदान करवाने में पूरा सहयोग करती हैं। उनके इन्हीं सराहनीय कार्यों को देखते हुए वर्ष 2024 में उन्हें जिला स्तर पर चुनाव आइकन के रूप में चयनित किया गया था।

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