एसवीएसयू के विद्यार्थियों के लिए खुले रोजगार के द्वार, एक हजार इंडस्ट्री में सीधे होगी भर्ती

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए रोजगार के नए अवसर खुले हैं। आईएमटी इंडस्ट्री एसोसिएशन के पोर्टल पर एसवीएसयू को लॉगिन मिलेगा। इस पोर्टल पर लगभग एक हजार इंडस्ट्री स्किल्ड विद्यार्थियों को सीधे तौर पर भर्ती कर सकेंगी।
आईएमटी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के साथ हुआ समझौता
फरीदाबाद में मंगलवार को एसवीएसयू और आईएमटी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के बीच एक समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत एसोसिएशन के पोर्टल पर एसवीएसयू को विशेष लॉगिन मिलेगा। पास होने वाले स्किल्ड विद्यार्थियों के सीवी इस पर सीधे अपलोड किए जा सकेंगे। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने इन समझौतों को ऐतिहासिक करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि से विद्यार्थियों के लिए सीधा एक हजार से अधिक इंडस्ट्री में दरवाजा खुल गया है। कुलसचिव सुमन वशिष्ठ ने कहा कि यह पोर्टल स्किल्ड युवाओं के लिए बेहद कारगर सिद्ध होगा।
अनुदीप फाउंडेशन और रोनाल्ड वेब ओफ़्सेट के साथ एमओयू
कुलसचिव सुमन वशिष्ठ ने आईएमटी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद राणा के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान जनरल सेक्रेटरी रश्मि भी मौजूद रहीं। अध्यक्ष प्रमोद राणा ने कहा कि इस एमओयू से रोजगार की तलाश कर रहे स्किल्ड युवाओं को लाभ होगा। साथ ही कुशल कामगारों की कमी से जूझ रही लगभग एक हजार इंडस्ट्री को भी फायदा होगा। दूसरा समझौता कोलकाता की अनुदीप फाउंडेशन के साथ हुआ है। फाउंडेशन की कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन डॉ. दीपा यादव ने कुलसचिव सुमन वशिष्ठ के साथ एमओयू एक्सचेंज किया। अनुदीप फाउंडेशन विद्यार्थियों के लिए कौशल आधारित ट्रेनिंग करवाएगा। तीसरा एमओयू प्रिंटिंग के क्षेत्र में रोनाल्ड वेब ऑफसेट के साथ हुआ है। कुलसचिव सुमन वशिष्ठ के साथ प्रबंध निदेशक संजय गुप्ता ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
कौशल विकास और भविष्य की योजनाएं
अकादमिक अधिष्ठाता प्रोफेसर विक्रम सिंह ने कहा कि कौशल विकास से इंडस्ट्री की आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से ही एसवीएसयू की स्थापना हुई है। इंडस्ट्री रिलेशन्स एन्ड एलुमनी अफेयर्स डिपार्टमेंट की निदेशक चंचल भारद्वाज ने कहा कि इन समझौतों के माध्यम से कौशल और रोजगार की दिशा में ऐतिहासिक पहल हुई है। इन समझौतों का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योग आधारित प्रशिक्षण, आधुनिक कौशल, इंटर्नशिप, कार्यस्थल प्रशिक्षण, परियोजनाओं और रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है।