तमाशा-ए-जमहूरियत: टैक्स हमारा, डंडा उनका और कठघरे में इंसानियत
भारत का लोकतंत्र और पुलिसिया दमन: टैक्सपेयर के पैसे से चलता तानाशाही का सिस्टम ये डेमोक्रेसी है! पुलिस उनकी है, डंडे उनके है, सिस्टम उनका है सब-कुछ उनका है तनख्वाह से पैसा कटता है ना, 100 रुपये कमाती 30 रुपये देती हू ना, फिर क्या होता है उसका, ये होता है आप लोग मेरे बच्चो … Continue reading तमाशा-ए-जमहूरियत: टैक्स हमारा, डंडा उनका और कठघरे में इंसानियत
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