तरावड़ी में अनिरुद्ध आचार्य जी की श्रीमद्भागवत कथा को लेकर वृंदावन की टीम ने परखी व्यवस्थाएं, 5 सितंबर को निकलेगी भव्य कलश यात्रा

तरावड़ी में आगामी 5 सितंबर से 11 सितंबर तक होने वाली श्रीमद्भागवत कथा को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। देश के सुप्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य जी महाराज के सान्निध्य में यह कथा नई अनाज मंडी तरावड़ी में आयोजित की जाएगी। कथा को लेकर श्रद्धालुओं में लगातार उत्साह बढ़ता जा रहा है। इसी उत्साह को देखते हुए अनिरुद्ध आचार्य जी महाराज की टीम के कई सदस्य विशेष रूप से वृंदावन से तरावड़ी पहुंचे। वृंदावन से आई इस टीम ने आयोजन स्थल पर पहुंचकर सभी व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।
वृंदावन की टीम ने किया आयोजन स्थल का निरीक्षण
वृंदावन से आए टीम के सदस्यों में ओमप्रकाश और अभिषेक रावत शामिल हैं। इन दोनों ने आयोजन स्थल पर पहुंचकर पंडाल, भंडारा और स्टेज का जायजा लिया। इसके अलावा उन्होंने श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था, आवागमन के रास्ते, पेयजल और चिकित्सा व्यवस्था का भी पूरी तरह से निरीक्षण किया। टीम ने आयोजन से जुड़ी हुई प्रत्येक व्यवस्था को बहुत ही बारीकी से देखा। टीम ने यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा को आयोजन में सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
शिव शक्ति इंटर ग्लोब एक्सपोर्ट के सीएमडी ने दिया भरोसा
इस पूरे निरीक्षण के दौरान शिव शक्ति इंटर ग्लोब एक्सपोर्ट प्रा. लि. के सीएमडी रमेश गुप्ता भी मौजूद रहे। रमेश गुप्ता ने वृंदावन से आई टीम को पूरा भरोसा दिलाया कि तरावड़ी में कथा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि इस आयोजन को बेहद भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए हर स्तर पर पूरी तैयारी की जा रही है। श्रद्धालुओं के लिए पांडाल से लेकर भंडारा, चिकित्सा और अन्य सभी प्रकार की सुविधाएं बहुत ही बेहतर तरीके से उपलब्ध करवाई जाएंगी।
5 सितंबर को 1100 महिलाओं द्वारा निकलेगी कलश यात्रा
इस ऐतिहासिक कथा का शुभारंभ आगामी 5 सितंबर को एक भव्य कलश यात्रा के साथ किया जाएगा। इस कलश यात्रा में कुल 1100 महिलाएं सिर पर कलश उठाकर परिक्रमा करेंगी। यह कलश यात्रा नगर खेड़ा से शुरू होगी और वहां से चलकर नई अनाज मंडी तक पहुंचेगी। इस कलश यात्रा में बड़ी संख्या में मातृशक्ति, युवा और अन्य सभी श्रद्धालुओं के शामिल होने की पूरी संभावना है। कथा के आयोजन को लेकर तरावड़ी और उसके आसपास के सभी क्षेत्रों में एक बहुत ही धार्मिक माहौल बनता जा रहा है। इस बड़े धार्मिक आयोजन को लेकर सभी श्रद्धालुओं में एक अलग ही प्रकार का खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।