तरावड़ी में अनिरुद्ध आचार्य महाराज की कथा की तैयारी, 15 से अधिक स्वागत द्वार और 24 घंटे भंडारे के हाईटेक इंतजाम

तरावड़ी में सुप्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्ध आचार्य जी महाराज की श्रीमद्भागवत कथा को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। आगामी 5 से 11 सितंबर तक नई अनाज मंडी तरावड़ी में भव्य श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए आयोजकों के साथ-साथ शहर की सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं भी पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं।
आयोजक शिव शक्ति इंटर ग्लोब एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर रमेश गुप्ता और अमन गुप्ता ने व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह आयोजन किसी एक व्यक्ति या संस्था का नहीं, बल्कि पूरे तरावड़ी शहर का अपना धार्मिक आयोजन है। इसे यादगार बनाने के लिए हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
अमन गुप्ता ने बताया कि कथा को लेकर पूरे शहर में विशेष सजावट की जा रही है। शहर के प्रमुख मार्गों और प्रवेश स्थानों पर 15 से ज्यादा भव्य स्वागत द्वार लगाए जा रहे हैं। कथा के दौरान तरावड़ी का माहौल पूरी तरह धार्मिक एवं आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आएगा।
आयोजकों ने श्रद्धालुओं की सेवा के लिए व्यापक स्तर पर भंडारे की व्यवस्था की है। कथा के दौरान प्रतिदिन करीब 20 से 25 हजार श्रद्धालुओं के लिए भंडारा एवं प्रसाद उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके साथ ही शुद्ध पेयजल, बैठने की व्यवस्था और स्वयंसेवकों की टीमें तैनात रहेंगी।
स्वास्थ्य और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बड़े स्तर पर श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। आयोजन स्थल पर चिकित्सा शिविर लगाया जाएगा तथा करीब 6 एम्बुलेंस आपातकालीन स्थिति के लिए उपलब्ध रहेंगी। चिकित्सा टीमों को तैनात रखने की व्यवस्था की जा रही है ताकि तुरंत सहायता मिल सके।
आयोजकों ने बताया कि कथा में भारी भीड़ को देखते हुए फायर ब्रिगेड, यातायात व्यवस्था, पार्किंग और सुरक्षा को लेकर विशेष योजना बनाई गई है। प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं रखने के साथ प्रमुख स्थानों पर स्वयंसेवकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। आयोजन स्थल पर आधुनिक एवं हाईटेक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं।
1100 महिलाओं की भव्य कलश यात्रा
अमन गुप्ता ने कहा कि यह कथा शहर के लिए गौरव और सौभाग्य की बात है। श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ 5 सितंबर की सुबह 1100 महिलाओं की भव्य कलश यात्रा के साथ होगा। नगर खेड़ा से नई अनाज मंडी तक निकलने वाली इस यात्रा में मातृशक्ति, युवा और श्रद्धालु शामिल होंगे।
कथा स्थल पर वातानुकूलित पंडाल, बेहतर बैठने की व्यवस्था और ठहरने सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यह कथा तरावड़ी के इतिहास में एक ऐसा यादगार अध्याय बनेगी जिसे वर्षों तक याद रखा जाएगा।