तरावड़ी के गीता मॉडर्न स्कूल में धूमधाम से मनाया गया ओणम पर्व, बच्चों ने दी शानदार प्रस्तुतियां

तरावड़ी के गीता मॉडर्न सीनियर सेकेंडरी स्कूल में ओणम का पर्व बहुत धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर को फूलों से बनाई गई आकर्षक पारंपरिक रंगोली पुक्कलम से सजाया गया, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक केरल वेशभूषा पहनकर रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने भारतीय संस्कृति की विविधता को जीवंत कर दिया।
महाबली राजा की कथा का मंचन और प्रतियोगिताएं
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने महाबली राजा की कथा का बहुत सुंदर मंचन किया। इसके साथ ही बच्चों ने पारंपरिक नृत्य तिरुवातिरा में भी हिस्सा लिया। इसके अलावा फूलों की रंगोली बनाने की प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में विद्यालय के बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
ओणम पर्व का महत्व और संदेश
विद्यालय की प्रधानाचार्या रागिनी राय ने विद्यार्थियों को ओणम पर्व के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि ओणम केवल केरल का प्रमुख त्योहार नहीं है। यह पूरे भारत की एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक समृद्धि का एक बहुत बड़ा प्रतीक है। यह पर्व हम सभी को सत्य, प्रेम, सद्भाव और समृद्धि का संदेश देता है। विद्यालय के प्रबंधक बालकृष्ण त्रिपाठी ने सभी विद्यार्थियों एवं अध्यापकों को ओणम पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न पर्व और त्योहार हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध बनाते हैं। ये त्योहार विद्यार्थियों को विविधता में एकता का अनूठा संदेश देते हैं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में एक विशेष प्रकार का उत्साह देखने को मिला। इस दौरान पूरे विद्यालय का वातावरण भारतीय संस्कृति और परंपराओं के रंग में पूरी तरह रंगा हुआ नजर आया।