तरावड़ी के नरसिंह दास पब्लिक स्कूल में जन्माष्टमी और शिक्षक दिवस धूमधाम से मनाया गया, बच्चों ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां

तरावड़ी के नरसिंह दास पब्लिक स्कूल में जन्माष्टमी और शिक्षक दिवस धूमधाम से मनाया गया, बच्चों ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां

तरावड़ी के नरसिंह दास पब्लिक स्कूल में भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय में हवन-यज्ञ के साथ-साथ बच्चों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई।

  • हवन-यज्ञ के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ: विद्यालय में वैदिक रीति-रिवाजों के साथ हवन किया गया।
  • धार्मिक महत्व की जानकारी: आचार्य मुन्ना शास्त्री ने बच्चों को श्रीकृष्ण की लीलाओं और जन्माष्टमी के महत्व के बारे में बताया।
  • सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: जूनियर विंग के छोटे बच्चों ने राधा-कृष्ण की वेशभूषा में नृत्य किया।
  • शिक्षक दिवस का संदेश: निदेशक धर्मेंद्र खेड़ा ने शिक्षकों के महत्व और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के विचारों पर प्रकाश डाला।

हवन-यज्ञ और धार्मिक शिक्षा

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कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक रीति-रिवाजों के साथ हवन-यज्ञ से हुई। आचार्य मुन्ना शास्त्री ने पूरे विधि-विधान के साथ इस हवन को संपन्न करवाया। इस पवित्र कार्य में विद्यार्थियों और अध्यापकों ने पूरी श्रद्धा के साथ आहुतियां डालीं। आचार्य मुन्ना शास्त्री ने विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म और उनकी विभिन्न लीलाओं की कथाएं सुनाईं। उन्होंने बच्चों को जन्माष्टमी के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से अवगत करवाया। साथ ही, उन्होंने विद्यार्थियों को श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेकर सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।

शिक्षक दिवस और संस्कारों का महत्व

विद्यालय के निदेशक धर्मेंद्र खेड़ा ने सभी विद्यार्थियों और अध्यापकों को जन्माष्टमी और शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन बच्चों को उनकी परंपराओं, संस्कारों और नैतिक मूल्यों से जोड़ने में मदद करते हैं। उन्होंने बताया कि ये आयोजन बच्चों के व्यक्तित्व विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

धर्मेंद्र खेड़ा ने भगवान श्रीकृष्ण और महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन और उनके विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच सम्मान, स्नेह और जुड़ाव को मजबूत करने का एक आनंदमय अवसर है। उन्होंने जोर दिया कि शिक्षक बच्चों के जीवन को सही दिशा देने के साथ-साथ उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव तैयार करते हैं।

नन्हे-मुन्ने बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियां

कार्यक्रम के दौरान जूनियर विंग के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थी राधा-कृष्ण की सुंदर वेशभूषा में नजर आए। इन छोटे बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और जन्माष्टमी की खुशी को दर्शाते हुए मनमोहक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की इन भक्तिमय प्रस्तुतियों ने वहां उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया और पूरा विद्यालय परिसर कृष्णमय हो उठा।

हवन-यज्ञ के कार्यक्रम में सातवीं और आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। इस अवसर पर अध्यापक सुनीता गाबा, मनीष मित्तल, भवनीश वाधवा, दिनेश राणा, पायल, डिंपल सचदेवा, नवनीत कौर, अमित भाटिया, अमित शर्मा और पूजा सहित अन्य शिक्षकों ने भी हवन में आहुति डालकर कार्यक्रम में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।

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